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    समस्तीपुर रेल मंडल में जमीन का होगा डिजिटल रिकॉर्ड, अतिक्रमण पर लगेगी लगाम

    Updated: Sat, 02 May 2026 03:21 PM (IST)

    समस्तीपुर रेल मंडल में रेलवे की सभी भूमि का अब डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत ऑनलाइन डेटाबेस से अतिक्रमण पर रोक लग ...और पढ़ें

    एआई द्वारा जनेरेट की गई इमेज।

    एआई द्वारा जनेरेट की गई इमेज।

    HighLights

    1. रेलवे भूमि का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा।

    2. ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम से होगी सख्त निगरानी।

    3. अतिक्रमण रोकने में मिलेगी प्रभावी मदद।

    जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। समस्तीपुर रेल मंडल में रेलवे की सभी भूमि को अब पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में दर्ज किया जा रहा है।

    इसके लिए ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत भूमि का ऑनलाइन डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे मंडल स्तर से लेकर रेलवे बोर्ड तक अधिकारी हर इंच भूमि की निगरानी कर सकेंगे।

    स्थल पर पहुंचकर हो रही डिजिटल मैपिंग 

    रेलवे बोर्ड द्वारा अधिकृत एजेंसी के कर्मी इंजीनियरिंग विभाग के सहयोग से समस्तीपुर मंडल में भूमि की डिजिटल मैपिंग कर रहे हैं।

    मौके पर पहुंचकर जमीन का पूरा लेखा-जोखा, उपयोग और सीमाओं का विवरण तैयार किया जा रहा है, जिसे सिस्टम में अपलोड किया जाएगा।

    समस्तीपुर के चारों रेलखंडों का पूरा हो चुका सर्वे 

    समस्तीपुर जंक्शन के अंतर्गत आने वाले समस्तीपुर–मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर–रोसड़ा, समस्तीपुर–बरौनी और समस्तीपुर–दरभंगा रेलखंडों में भूमि का विस्तृत सर्वे कार्य पूरा किया जा चुका है। इसमें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और तकनीकी डेटा संग्रह भी शामिल है।

    भूमि उपयोग का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार 

    डिजिटल सिस्टम में यह स्पष्ट किया जा रहा है कि कौन सी भूमि खाली है, कौन सी व्यवसायिक उपयोग में है तथा कौन सी भूमि जलकर, मखाना उत्पादन, वृक्षारोपण या अन्य बंदोबस्ती कार्यों में उपयोग की जा रही है। इससे हर जमीन का स्पष्ट वर्गीकरण उपलब्ध होगा।

    रेलवे स्टेशन और कॉलोनी क्षेत्रों पर भी विशेष फोकस 

    समस्तीपुर मंडल में रेलवे स्टेशन, कॉलोनी, कारखाना और रेललाइन के आसपास की भूमि का भी विस्तृत ब्यौरा तैयार किया जा रहा है। फिलहाल प्राथमिकता बड़े स्टेशनों को दी जा रही है, जबकि अन्य छोटे हाल्ट बाद में शामिल किए जाएंगे।

    ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम से होगा केंद्रीकृत नियंत्रण

    सभी डेटा को ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा, जहां से रेलवे बोर्ड, जोन और मंडल स्तर के अधिकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर भूमि की स्थिति, नक्शा और दस्तावेजों का अध्ययन कर सकेंगे और आवश्यक निर्देश जारी कर सकेंगे।

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    अतिक्रमण पर लगेगी प्रभावी रोक 

    डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने के बाद समस्तीपुर मंडल में रेलवे भूमि पर अतिक्रमण की घटनाओं पर सख्त रोक लगेगी। अधिकारियों के अनुसार, पारदर्शी डेटा सिस्टम से जमीन की वास्तविक स्थिति तुरंत स्पष्ट हो जाएगी, जिससे अवैध कब्जों पर कार्रवाई आसान होगी।

    वर्ष 2023 के प्रस्ताव पर हो रहा अमल 

    रेलवे भूमि को सुरक्षित रखने और राजस्व हानि रोकने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में स्थायी समिति द्वारा डिजिटलाइजेशन का प्रस्ताव दिया गया था। अब उसी के तहत समस्तीपुर मंडल सहित पूरे देश में यह प्रणाली लागू की जा रही है।

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    रेलवे की भूमि भी जल्द डिजिटल प्लेटफार्म पर दिखेगी। इसके लिए रेलवे की भूमि की डिजिटल मैपिंग कराई जा रही है। इस प्रक्रिया के बाद रेलवे की भूमि पूरी तरह से सुरक्षित हो जाएगी।

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    सरस्वती चन्द्र, सीपीआरओ, पूर्व मध्य रेल