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    समस्तीपुर में पानी के गड्ढें में डूबी 5 बच्चियां: चरवाहे ने 3 की बचाई जान, 2 सगी बहनों की मौत

    Updated: Fri, 22 May 2026 06:09 AM (IST)

    समस्तीपुर के वारिसनगर में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो सगी बहनों की मौत हो गई। पांच बच्चियां स्नान करने गई थीं, जिनमें से तीन को चरवाहे ने बचाया। ...और पढ़ें

    दो बच्चियां गड्ढे में डूबकर मरीं। सांकेतिक फोटो

    दो बच्चियां गड्ढे में डूबकर मरीं। सांकेतिक फोटो

    HighLights

    1. समस्तीपुर के वारिसनगर में दो सगी बहनों की मौत।

    2. महराजी चौर में पानी भरे गहरे गड्ढे में डूबीं।

    3. जेसीबी से बने गड्ढे बने जानलेवा, प्रशासन पर सवाल।

    संवाद सहयोगी, वारिसनगर। समस्तीपुर के वारिसनगर थाना क्षेत्र के लखनपट्टी पंचायत अंतर्गत शादीपुर बथनाहा गांव की दो सगी बहनों की गुरुवार की संध्या महराजी चौर में डूबने से मौत हो गई है। घटना गांव से सटे महराजी चौर स्थित पानी भरे गहरे गड्ढे में हुई, जहां स्नान करने गई पांच बच्चियां अचानक गहरे पानी में चली गईं।

    मृत बच्चियों की पहचान शादीपुर बथनाहा गांव निवासी छेदी राय की 10 वर्षीय पुत्री चंदन कुमारी एवं 16 वर्षीय पुत्री कोमल कुमारी के रूप में हुई है।

    बताया जाता है कि गुरुवार की संध्या लगभग चार बजे गांव की पांच बच्चियां एक साथ गांव से सटे महराजी चौर में बने पानी भरे गड्ढे़ मे स्नान करने गई थी। स्नान के दौरान सभी बच्चियां गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी।

    चरवाहे ने बचाई तीन की जान

    बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर पास में भैंस चरा रहे एक चरवाहे ने बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी। उसकी काफी मशक्कत के बाद तीन बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन चंदन कुमारी और कोमल कुमारी को नही बचाया जा सका।

    घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गये। परिजन दोनों बच्चियों को लेकर इलाज के लिए भाग-दौड़ करने लगे, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।हादसे के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।

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    मिट्टी काटने से गड्ढे बने जानलेवा

    सूचना मिलते हीं थानाध्यक्ष सर्वेश झा, एसएसआई अफरोज आलम, दारोगा जय श्रीराम सहित अन्य पुलिस बल मौके पर पंहुचकर आगे की कार्रवाई में जुट गए। दो सगी बहनों की एक साथ मौत होने से परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा। मां-बाप का रो रोकर बुरा हाल बना रहा।

    ग्रामीणों ने बताया कि महराजी चौर में जेसीबी से मिट्टी काटने से कई जगह गहरे गड्ढे हैं, जिनमें बारिश और आसपास के पानी भर जाने से हादसे की आशंका बनी रहती है।

    इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई सुरक्षा व्यवस्था या घेराबंदी नहीं कराई गई है। लोगों ने बताया कि छोटे बच्चे अक्सर वहां स्नान करने या खेलने चले जाते हैं।

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