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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    हंसता-खेलता परिवार उजड़ा, बहू और पोती की अर्थी देख ससुर ने त्यागे प्राण; बच्ची का अभी ही हुआ था जन्म

    By Vinod GiriEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Sun, 01 Oct 2023 04:20 PM (GMT+05:30)

    Samastipur News मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एक घर में अचानक से मातम पसर गया। एक ही परिवार में तीन लोगों की मौत ने हंसते-खेलते लोगों के चेहरे से मुस्कान छ ...और पढ़ें

    प्रसव के दौरान हो गई थी पुत्रवधु और नवजात की मौत
    प्रसव के दौरान हो गई थी पुत्रवधु और नवजात की मौत

    HighLights

    1. प्रसव के दौरान हो गई थी पुत्रवधु और नवजात की मौत
    2. अर्थी निकलने के तुरंत बाद अधेड़ ने भी तोड़ दिया दम

    जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। पुत्रवधु और नवजात पोती की मौत का संताप दादा सहन नहीं कर पाए। अर्थी उठते ही उसने भी प्राण त्याग दिए। मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कोरबद्घा वार्ड- 37 स्थित साहू टोल मोहल्ले का है।

    रविवार की अहले सुबह स्थानीय दीपक साह की पत्नी 22 वर्षीय रीना देवी को शहर के एक निजी क्लीनिक में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था, जहां प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई।

    स्वजन मृतका का शव लेकर घर पहुंचे। सुबह दरवाजे से अर्थी उठी और महज कुछ ही कदम आगे बढी थी कि उसके बाद दीपक के पिता 55 वर्षीय भोला साह की भी मौत हो गई।

    एक ही परिवार में तीन लोगों की मौत

    हंसता-खेलता परिवार एक ही दिन में ही उजड़ गया। एक ही परिवार में तीन लोगों की मौत से मुहल्ला में मातम पसर गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मेयर अनिता राम, वार्ड पार्षद शिवशंभू, रामाश्रय सहनी ने मृतक के स्वजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की।

    क्या है मामला?

    नगर निगम क्षेत्र के कोरबद्घा वार्ड- 37 स्थित साहु टोल निवासी भोला साह और उसके पुत्र 25 वर्षीय दीपक साह गांव में ही हलुआई का काम करते थे। दीपक बोलने में असमर्थ था। इस कारण पिता के साथ काम काज में हाथ बंटाता था। पिछले साल ही दीपक के साथ रीना की शादी हुई थी।

    स्वजन ने बताया कि सोमवार की अहले सुबह रीना को प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां गंभीर हालत होने की वजह से रेफर कर कर दिया गया, जिसके बाद उसे एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया।

    निजी क्लिनिक में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की स्थिति गंभीर हो गई और दोनों की मौत हो गई। स्वजन अस्पताल से शव लेकर घर पहुंचे। घर में मातमी सन्नाटा पसरा था। सुबह करीब दस बजे रीना और उसके नवजात बच्ची की अर्थी उठी।

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    मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं

    पुत्रवधु और नवजात पोती की मौत का वियोग दीपक के पिता को सहन नहीं हुआ। दरवाजे से अर्थी उठते ही उसने भी प्राण त्याग दिए। मोहल्ले में यह घटना चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। स्थानीय लोगों ने आर्थिक सहयोग कर दाह संस्कार करा रहे हैं।

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