बिहार के बेला कारखाने में तेजी से बन रहे रेल के पहिए, लक्ष्य से ज्यादा हुआ उत्पादन
रेल पहिया कारखाना बेला लगातार उत्पादन में वृद्धि कर रहा है और अपने निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर रहा ...और पढ़ें

रेल के पहिए। फोटो जागरण
HighLights
कारखाना बेला ने उत्पादन में निरंतर वृद्धि दर्ज की।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 60,769 रेल पहियों का उत्पादन।
आधुनिक तकनीक और पर्याप्त संसाधन से भारतीय रेलवे को सहयोग।
संवाद सूत्र, दरियापुर (सारण)। रेल पहिया कारखाना बेला लगातार उत्पादन के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कारखाना प्रबंधन के अनुसार पिछले कई वर्षों से यहां हर वर्ष उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है और संस्थान अपने निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर रहा है।
कारखाना के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) उत्तम कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उत्पादन क्षमता को बनाए रखने के लिए प्रत्येक वर्ष लगभग 45 दिनों का शटडाउन लिया जाता है।
इस अवधि में मशीनों और उपकरणों का विस्तृत निरीक्षण तथा आवश्यक मरम्मत कार्य किया जाता है। रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद उत्पादन पुनः शुरू कर दिया जाता है, जिससे गुणवत्ता और दक्षता बनी रहती है।
लगातार बढ़ रहा उत्पादन
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में कारखाना से 42,167 रेल पहियों का निर्माण एवं डिस्पैच किया गया था। वर्ष 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 53,091 पहुंच गई, जबकि वर्ष 2025-26 में 60,769 रेल पहियों का उत्पादन एवं आपूर्ति की गई। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 30 जून तक ही 18,261 रेल पहियों का निर्माण किया जा चुका है, जिससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
सीपीआरओ ने बताया कि कारखाना में कच्चे माल की कोई कमी नहीं है। यहां आठ से नौ महीने की आवश्यकता के अनुरूप कच्चा माल अग्रिम रूप से उपलब्ध रखा जाता है।
पुराने रेल पहियों सहित अन्य आवश्यक सामग्री देश के विभिन्न रेलवे डिपो और जोनों से मंगाई जाती है। इसके अलावा उत्पादन में उपयोग होने वाली विभिन्न प्रकार की सामग्री और खनिज पदार्थ निर्धारित निविदा प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त किए जाते हैं।
2008 बना था कारखाना
करीब 293.33 एकड़ क्षेत्र में फैले इस कारखाने की आधारशिला 29 जुलाई 2008 को रखी गई थी। लगभग 1,639.59 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परियोजना से फरवरी 2013 में रेल पहियों का पहला डिस्पैच किया गया था।
कारखाना में 132 केवी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के साथ एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट भी संचालित है। प्रबंधन का दावा है कि आधुनिक तकनीक, पर्याप्त संसाधन और बेहतर रखरखाव व्यवस्था के कारण रेल पहिया कारखाना बेला भारतीय रेलवे की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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