27 लाख वेतन, बैंक खातों में 2.51 करोड़ का लेन-देन; DPO अजीत अमर के ठिकाने पर दस्तावेजों में खंगाल रही EOU
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सारण के पूर्व DPO अजीत अमर के छपरा स्थित सरकारी आवास पर आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी की। 32 माह के वेतन 27 लाख के ...और पढ़ें

छपरा स्थित डीपीओ का सरकारी आवास और मुस्तैद पुलिस। जागरण
HighLights
EOU ने पूर्व DPO अजीत अमर के आवास पर छापा मारा।
आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध लेनदेन की जांच जारी।
27 लाख वेतन पर 2.51 करोड़ के लेनदेन का आरोप।
जागरण संवाददाता, छपरा। शहर के सरकारी आवासीय परिसर में गुरुवार की सुबह उस समय हलचल बढ़ गई, जब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने सारण के पूर्व DPO (माध्यमिक शिक्षा) अजीत अमर के सरकारी आवास पर छापेमारी शुरू की।
सुबह से ही अधिकारियों की आवाजाही और दस्तावेजों की जांच को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना रहा। कार्रवाई की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग और प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई।
आय से अधिक लेन-देन के आरोपों की जांच
सूत्रों के अनुसार, ईओयू की टीम ने आवास पर मौजूद विभिन्न कागजात, बैंकिंग अभिलेखों से संबंधित दस्तावेजों तथा विभागीय संचिकाओं की गहन जांच की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति एवं संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े आरोपों की जांच के क्रम में की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, अजीत अमर की छपरा में प्रतिनियुक्ति के दौरान 32 माह की सेवा अवधि में वेतन मद में लगभग 27.43 लाख रुपये प्राप्त होने का अनुमान था।
वहीं आरोप है कि इसी अवधि में उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में 2.51 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ। इस अंतर को लेकर आर्थिक अपराध इकाई एवं शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा।
शिक्षा विभाग पहले ही कर चुका है कार्रवाई
विवाद सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने 30 जून 2026 को उनकी छपरा से प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें उनके मूल पदस्थापन स्थल सहरसा भेज दिया था। विभागीय स्तर पर भी मामले की समीक्षा की गई थी।
खबरें और भी
गुरुवार को हुई ईओयू की कार्रवाई के बाद पूरे छपरा शहर में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया। लोग कार्रवाई के परिणाम और जांच में सामने आने वाले तथ्यों को लेकर उत्सुक नजर आए।
हालांकि, अधिकारियों की ओर से जांच पूरी होने तक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। माना जा रहा है कि जब्त दस्तावेजों और बैंकिंग रिकार्ड की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
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