सारण में EOU का बड़ा एक्शन: 5 महीने में 3 बड़े अफसरों पर रेड, आय से अधिक संपत्ति के खेल का पर्दाफाश
सारण जिले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने पिछले पांच महीनों में आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के तीन बड़े मामलों में प्रशासनिक और पुलिस ...और पढ़ें
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आर्थिक अपराध इकाई। फाइल फोटो
HighLights
ईओयू ने सारण में 5 माह में 3 बड़े अधिकारियों पर रेड की।
पूर्व डीपीओ, सब-रजिस्ट्रार और थानाध्यक्ष के ठिकानों पर छापेमारी हुई।
आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध लेनदेन की जांच जारी है।
जागरण संवाददाता, छपरा। सारण जिले में आय से अधिक संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के मामलों में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है।
पिछले पांच महीने के भीतर जिले में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से जुड़े तीन बड़े मामलों में ईओयू ने पैतृक और सरकारी आवासों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की है।
लगातार हो रही कार्रवाई से सरकारी महकमे में चर्चा का माहौल है और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर एजेंसियों की नजर और सख्त होती दिख रही है।
छपरा के पूर्व डीपीओ के सरकारी आवास पर ताजा कार्रवाई
सबसे ताजा कार्रवाई शिक्षा विभाग से जुड़े मामले में हुई। सात अगस्त को छपरा के शिक्षा विभागीय सरकारी आवासीय परिसर में ईओयू की टीम ने सारण के पूर्व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) अजीत अमर के सरकारी आवास पर छापेमारी की।
सूत्रों के अनुसार 32 माह की प्रतिनियुक्ति अवधि के दौरान करीब 27.43 लाख रुपये वेतन प्राप्त होने के बावजूद अजीत अमर और उनकी पत्नी पूजा कुमारी के खातों में 2.51 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन की शिकायत सामने आई थी। इसी आधार पर जांच शुरू की गई। शिक्षा विभाग पहले ही उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें मूल पदस्थापन सहरसा भेज चुका है।
सब-रजिस्ट्रार के पैतृक आवास पर भी पड़ी थी रेड
इससे पहले छह मई को गौरा थाना क्षेत्र के जवईनिया गांव में सुपौल में पदस्थापित जिला अवर निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) अमरेंद्र कुमार के पैतृक आवास पर ईओयू की टीम ने छापेमारी की थी।
पांच सदस्यीय टीम ने कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान उनके पास करीब एक करोड़ 10 लाख 64 हजार रुपये की संपत्ति संदिग्ध पाई गई। प्रारंभिक आकलन में यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से लगभग 65 प्रतिशत अधिक बताई गई थी।
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थानाध्यक्ष के ठिकानों की भी हुई थी जांच
इस वर्ष 14 अप्रैल को भेल्दी थाना क्षेत्र के पैगा गांव स्थित किशनगंज नगर थाना के तत्कालीन प्रभारी अभिषेक कुमार रंजन के पैतृक आवास पर भी ईओयू ने छापेमारी की थी। टीम ने सुबह से घर को घेरे में लेकर सघन तलाशी अभियान चलाया था।
इसके साथ ही छपरा शहर के प्रभुनाथ नगर स्थित उनके आवास की भी जांच की गई थी। कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति और अन्य आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े आरोपों के आधार पर की गई थी।
लगातार कार्रवाई से बढ़ी हलचल
लगातार तीन बड़े मामलों में हुई छापेमारी ने जिले के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। ईओयू की जांच का दायरा वित्तीय लेन-देन, चल-अचल संपत्तियों और बैंक खातों तक फैला हुआ है।
अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद कई मामलों में आगे कानूनी कार्रवाई भी संभव है। पांच महीने में तीन बड़ी छापेमारी यह संकेत दे रही है कि आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर जांच एजेंसियां अब पहले से अधिक सक्रिय और सतर्क हैं।