सारण में जमीन रजिस्ट्री होगी महंगी, सर्किल रेट में 50-400% वृद्धि का प्रस्ताव तैयार
राज्य सरकार सारण जिले में जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता लाने और राजस्व हानि रोकने के लिए सर्किल रेट में भारी बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। यह वृद् ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, छपरा। जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता लाने और सरकारी राजस्व के नुकसान पर रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य सरकार सर्किल रेट में व्यापक बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव लागू होने पर सारण जिले में जमीन की रजिस्ट्री कराना पहले की तुलना में महंगा हो सकता है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, सर्किल रेट को वास्तविक बाजार मूल्य के करीब लाने के लिए 50 प्रतिशत से लेकर 400 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिन क्षेत्रों में बाजार दर और मौजूदा सर्किल रेट के बीच कम अंतर है, वहां सीमित बढ़ोतरी की जाएगी, जबकि जिन इलाकों में यह अंतर बहुत अधिक है, वहां दरों को बाजार स्तर तक लाने के लिए भारी वृद्धि की योजना है।
सर्किल रेट से कई गुना कीमत पर हो रही बिक्री
मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई शहरी क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री सर्किल रेट से कई गुना अधिक कीमत पर हो रही है। इससे सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। इसी विसंगति को दूर करने के लिए राज्यभर में जमीन की वास्तविक कीमत का सर्वे कराया गया था।
जमीन के सौदों में बढ़ेगी पारदर्शिता
सर्वे रिपोर्ट में सामने आया कि प्रमुख बाजार, पॉश कॉलोनियों और मुख्य सड़कों के किनारे स्थित जमीन की कीमत और सर्किल रेट में भारी अंतर है। प्रस्तावित संशोधन लागू होने पर न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि जमीन के सौदों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और कागजी व वास्तविक कीमत के बीच का अंतर कम हो सकेगा।