जीविका दीदियों को अपने गांव में रोजगार का मौका, बिहार सरकार देगी 60 हजार की सब्सिडी
जीविका दीदियों के लिए सुधा बिक्री केंद्र खोलने की आवेदन तिथि 24 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। इस योजना के तहत बिहार सरकार 60 हजार रुपये की सब्सिडी देगी, जिस ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो
HighLights
सुधा बिक्री केंद्र आवेदन की अंतिम तिथि 24 जुलाई तक बढ़ी।
सरकार देगी 60 हजार रुपये की सब्सिडी, कुल निवेश 75 हजार।
ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भर बनाने की पहल।
जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोलकर स्वरोजगार से जुड़ने का इंतजार कर रहीं महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 24 जुलाई कर दी गई है। इच्छुक जीविका दीदियां इस अवसर का लाभ उठाकर अपने पंचायत क्षेत्र में सुधा उत्पादों की बिक्री का केंद्र शुरू कर सकती हैं।
जीविका एवं काम्फेड के संयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिले में 258 जीविका सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ गांवों में सुधा के गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार देगी 60 हजार रुपये की सब्सिडी
योजना के तहत चयनित महिला लाभार्थी को बिक्री केंद्र की स्थापना के लिए 60 हजार रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी। इस राशि से डीप फ्रीजर, विजी कूलर, ब्रांडिंग, परिवहन सहायता, दुकान की पेंटिंग और मरम्मत समेत अन्य जरूरी कार्य कराए जाएंगे।
लाभार्थी को अपनी ओर से 15 हजार रुपये की पूंजी लगानी होगी। यानी कुल 75 हजार रुपये के निवेश से जीविका सुधा बिक्री केंद्र की शुरुआत की जा सकेगी।
सरकारी सहायता के लिए शर्तें और आवेदन प्रक्रिया
बिक्री केंद्र के लिए आवेदन करने वाली महिला का जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य होना अनिवार्य है।
इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में स्वयं की या किराये की दुकान उपलब्ध होनी चाहिए, जहां केंद्र का संचालन किया जा सके। इच्छुक महिलाएं 24 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के लिए जीविका सुधा बिक्री केंद्र पोर्टल jsbk.brlps.in पर जाकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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अधिक जानकारी के लिए संबंधित प्रखंड जीविका कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। जिला परियोजना प्रबंधक उमाशंकर भगत ने बताया कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
जीविका सुधा बिक्री केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को नियमित आय का साधन मिलेगा और गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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