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    सीतामढ़ी में जमीन रजिस्ट्री हुई महंगी, नए सरकारी रेट और शुल्क लागू

    Updated: Thu, 25 Jun 2026 01:57 PM (IST)

    सीतामढ़ी में जमीन की खरीद-बिक्री महंगी हो गई है, शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम सरकारी मूल्य दोगुना और ग्रामीण में 1.6 गुना बढ़ा है। नए नियमों में स्टांप ...और पढ़ें

    सीतामढ़ी में जमीन रजिस्ट्री हुई महंगी, नए सरकारी रेट और शुल्क लागू (AI Generated Image)

    सीतामढ़ी में जमीन रजिस्ट्री हुई महंगी, नए सरकारी रेट और शुल्क लागू (AI Generated Image)

    HighLights

    1. शहरी जमीन के दाम दोगुना, ग्रामीण में 1.6 गुना बढ़े।

    2. स्टांप ड्यूटी 7% सामान्य, महिला को 6.6% निर्धारित।

    3. ई-निबंधन पोर्टल से फर्जीवाड़ा रोकने का लक्ष्य।

    जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री, निबंधन प्रक्रिया और उसके न्यूनतम सरकारी मूल्य में बदलाव किए हैं। राज्य सरकार के फैसले के बाद जिला गजट में जारी अधिसूचना के अनुसार, नई व्यवस्था लागू कर दी गई है।

    नए नियमों के तहत जहां एक तरफ शहरी और ग्रामीण इलाकों में जमीन के न्यूनतम सरकारी मूल्य में भारी बढ़ोतरी की गई है, वहीं निबंधन शुल्क और स्टांप शुल्क के ढांचे को भी अपडेट कर दिया गया है।

    सरकार ने अंचलों के शहरी, ग्रामीण और शहरी सीमा से लगे क्षेत्रों के न्यूनतम मूल्यांकन पंजी की दरों में व्यापक संशोधन किया है।

    हालांकि अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य जमीन रजिस्ट्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकना, पारदर्शिता लाना और विकास योजनाओं के लिए किसानों को उनकी जमीन का उचित और बढ़ा हुआ मुआवजा देना है।

    इसके तहत नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत की जमीन का सरकारी न्यूनतम मूल्य दो गुना तक बढ़ा दिया गया है। ग्रामीण इलाकों में जमीन के सरकारी रेट में 1.6 गुना तक की बढ़ोतरी की गई है।

    सरकारी रेट बढ़ने से अब जमीन की रजिस्ट्री के समय दी जाने वाली स्टांप ड्यूटी और निबंधन फीस की गणना भी इसी नए बढ़े हुए मूल्य पर होगी।

    सीतामढ़ी में विभिन्न प्रखंड सहित मुख्य बाजारों, व्यावसायिक भूखंडों तथा एनएच व एसएच के किनारे की जमीनों के सर्किल रेट में भौगोलिक बनावट के आधार पर बड़ा बदलाव दिखेगा।

    नया निबंधन शुल्क और स्टांप ड्यूटी

    बिहार सरकार की नई अधिसूचना के मुताबिक, राज्य में भूमि अथवा संपत्ति के निबंधन के लिए स्टांप शुल्क की सामान्य दर सात फीसद निर्धारित की गई है। यदि संपत्ति का अंतरण पुरुष से महिला के नाम पर किया जा रहा है, तो 6.6 फीसद स्टांप ड्यूटी देय होगी।

    इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी व्यक्ति या परिस्थिति में जमीन की खरीद पर सात फीसद स्टांप ड्यूटी लागू होगी। रिश्तेदारों या अन्य के बीच होने वाले दान-पत्र में भी यदि अंतरण पुरुष से महिला को होता है, तो 6.6 फीसद स्टांप शुल्क लगेगा।

    अन्य सभी सामान्य परिस्थितियों में दान-पत्र पर सात फीसद स्टांप ड्यूटी निर्धारित की गई है। निबंधन पदाधिकारी पंकज कुमार वसाक ने कहा कि विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार स्टांप ड्यूटी की ये नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

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    शहरी क्षेत्र में दोगुणा तो ग्रामीण क्षेत्र में 1.6 गुणा वृद्धि:

    नए निर्देश के अनुसार, शहरी क्षेत्र में जमीन की कीमत दाेगुना व तो ग्रामीण क्षेत्रों में 1.6 गुणा वृद्धि की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, शहर के लोहापट्टी में 16 लाख से बढ़कर 32 लाख प्रति डिसमिल बढ़ोतरी की गई है।

    इसी प्रकार जानकी स्थान की जमीन 12 लाख से बढ़कर 24 लाख प्रति डिसमिल, मथुरा स्कूल के निकट वाली जमी 12 लाख से बढ़कर 24 लाख, मेला रोड में 11 लाख से बढ़कर 22 लाख, अंचल कार्यालय गली मेहसौल में 18 लाख से बढ़कर 36 लाख, डुमरा में 12 लाख से बढ़कर 24 लाख, गोविंद फंदह व मनियारी में 75 हजार से बढ़कर 1.30 लाख, रीगा के सौली में 1.80 लाख से बढ़कर 2.97 लाख प्रति डिसमिल बढ़ा दिया गया है।

    ई-निबंधन पोर्टल और 10 दिनों का कड़ा नियम

    जमीन संबंधी विवादों और फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने ई-निबंधन पोर्टल को अनिवार्य और बेहद कड़ा बना दिया है। अब रजिस्ट्री से पहले पोर्टल पर जमीन का पूरा ब्योरा जैसे अंचल, मौजा, खाता, खेसरा, चौहद्दी और जमाबंदी धारक का नाम ऑनलाइन दर्ज करना होगा।

    यह आवेदन सीधे संबंधित अंचल अधिकारी के पास जांच के लिए जाएगा। इसके लिए 10 दिनों की सख्त समय सीमा तय की गई है। अंचलाधिकारी को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट या आपत्ति दर्ज करनी होगी।

    जमीन के निबंधन में 40 प्रतिशत की कमी:

    सीतापुरम सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर लगे प्रतिबंध से जमीन के निबंधन में 40 प्रतिशत की कमी आई है। जमीन के निबंधन में हुई वृद्धि शुल्क लागू कर दिया गया है। इससे निबंधन पर प्रभाव भी पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि वर्तमान में पूर्व में प्राप्त आवेदन के आलोक में अभी निबंधन किया जा रहा है। वृद्धि शुल्क का असर एक सप्ताह के बाद दिखने को मिलेगा।

    सीतामपुरम टाउनशिप को लेकर 40 प्रतिशत जमीन निबंधन में कमी आई है। निबंधन शुल्क में हुई नया वृद्धि दर लागू कर दिया गया है। पिछले साल जमीन निबंधन से 119 करोड़ राजस्व संग्रहण किया गया था। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 25.62 करोड़ राजस्व संग्रह किया गया है। वर्तमान में पूर्व के आवेदन के आलोक में निबंधन किया जा रहा है। - पंकज कुमार वशाक, निबंधन पदाधिकारी, सीतामढ़ी

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