सिवान के पेशकार की बेटी बनी BPSC अफसर; पहले प्रयास में अनन्या मिश्रा ने हासिल की बड़ी सफलता
सिवान सिविल कोर्ट के पेशकार अनिल मिश्रा की बेटी अनन्या मिश्रा ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है ...और पढ़ें

अनन्या मिश्रा को सम्मानित करते प्रधान जिला न्यायाधीश मोतीश कुमार सिंह। जागरण
HighLights
अनन्या मिश्रा ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता पाई।
सहकारिता विभाग में सहायक निबंधन पदाधिकारी बनीं।
बिना कोचिंग के घर पर रहकर हासिल की उपलब्धि।
जागरण संवाददाता, सिवान। सिवान सिविल कोर्ट में कार्यरत पेशकार अनिल मिश्रा की पुत्री अनन्या मिश्रा ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है।
उनका चयन बिहार सरकार के सहकारिता विभाग में सहायक निबंधन पदाधिकारी (Assistant Registrar) के पद पर हुआ है।
अनन्या की इस उपलब्धि पर सिवान सिविल कोर्ट में खुशी का माहौल है। गुरुवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार सिंह ने अपने कार्यालय कक्ष में उन्हें सम्मानित किया।
इस अवसर पर उन्होंने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की तस्वीर भेंट कर अनन्या का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
परिवार ने कहा- बेटा-बेटी में कभी नहीं किया भेद
अनन्या की सफलता पर पिता अनिल मिश्रा और माता पुष्पा मिश्रा ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी बेटी को समान अवसर दिए और कभी बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं किया।
परिवार का मानना है कि शिक्षा, संस्कार और आत्मविश्वास ही बच्चों की सबसे बड़ी पूंजी हैं। सिविल कोर्ट परिसर के न्यायिक कर्मियों ने भी अनन्या की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
सिवान से गोरखपुर तक की पढ़ाई
अनन्या की प्रारंभिक शिक्षा महावीर सरस्वती शिशु मंदिर, सिवान से हुई। इसके बाद उन्होंने डीएवी शताब्दी पब्लिक स्कूल, कंधवारा से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।
स्नातक की शिक्षा काशी विद्यापीठ से प्राप्त करने के बाद उन्होंने गोरखपुर से स्नातकोत्तर किया। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने पूरी लगन के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की।
अनन्या ने बताया कि उन्होंने किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने घर पर रहकर नियमित अध्ययन, सही रणनीति और आत्मअनुशासन के बल पर यह सफलता हासिल की।
परिवार के अनुसार अनन्या की सफलता की नींव उनके दादा राम जी मिश्रा और दादी देवकी मिश्रा द्वारा दिए गए संस्कारों में निहित है। अनन्या के छोटे भाई अच्युत अंजन और बहन आकांक्षा प्रिया बेहद खुश हैं।
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