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    सुपौल: लाखों लोगों का सुरक्षा कवच कोसी बराज होगा मजबूत, ₹20.68 करोड़ में 56 गेटों पर चल रहा मरम्मत का काम

    Updated: Fri, 03 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    कोसी बराज को बाढ़ से निपटने के लिए ₹20.68 करोड़ की लागत से मजबूत किया जा रहा है, जिसमें 56 गेटों की मरम्मत और पेंटिंग का काम तेजी से चल रहा है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. कोसी बराज के 56 गेटों की मरम्मत और पेंटिंग जारी।

    2. ₹20.68 करोड़ की लागत से बराज को मजबूत किया जा रहा।

    3. आधुनिक डिजिटल मॉनीटरिंग सिस्टम से जल प्रवाह की निगरानी।

    संवाद सहयोगी, वीरपुर (सुपौल)। बाढ़ को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर स्थित कोसी बराज को और अधिक सुरक्षित एवं मजबूत बनाने की दिशा में जल संसाधन विभाग ने बड़ी पहल की है।

    20 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से बराज के 56 गेटों, होइस्टिंग सिस्टम, प्लेटफार्म, ईओटी, मोनो क्रेन तथा अन्य यांत्रिक उपकरणों के रखरखाव, मरम्मत और पेंटिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। यह जिम्मेदारी त्रिकला इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड को वर्ष 2026 से 2031 तक के लिए सौंपी गई है।

    विभाग के अनुसार, बराज के सभी गेट पूरी तरह संचालित अवस्था में हैं और बाढ़ के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार तकनीकी निगरानी की जा रही है। अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता तथा सीडब्लूपीआरएस, पुणे की विशेषज्ञ टीम भी बराज का निरीक्षण कर इसकी स्थिति को संतोषजनक बता चुकी है।

    विशेषज्ञों ने रखरखाव व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे देश के बेहतर तरीके से अनुरक्षित बराजों में शामिल बताया। बाढ़ प्रबंधन को और आधुनिक बनाने के लिए जल प्रवाह मापने की पारंपरिक प्रणाली की जगह अत्याधुनिक ऑटोमैटिक डिजिटल डिस्चार्ज मॉनीटरिंग सिस्टम लगाया गया है।

    इससे नदी के जल प्रवाह की सटीक जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध हो रही है, जिससे समय पर निर्णय लेने में विभाग को बड़ी मदद मिलेगी। कार्यपालक अभियंता (मेकैनिकल) अंकित कुमार ने बताया कि दिसंबर 2026 तक पेंटिंग और मरम्मत का कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।

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    इस दौरान गेटों के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि सभी यांत्रिक अवयव पहले से अधिक सुरक्षित और मजबूत होंगे। गौरतलब है कि सितंबर 2024 में कोसी बराज से रिकार्ड 6.61 लाख क्यूसेक पानी का सफलतापूर्वक निकास किया गया था।

    अब व्यापक रखरखाव, आधुनिक तकनीक और नियमित मानीटरिंग के साथ कोसी बराज आगामी बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह जल संसाधन विभाग और बिहार सरकार की बाढ़ प्रबंधन को लेकर दूरदर्शी सोच और मजबूत तैयारी का प्रतीक माना जा रहा है।

    स्थानीय निवासी गुणेश्वर कर्ण ने बताया हर साल बाढ़ के समय कोसी बराज की स्थिति को लेकर लोगों में चिंता रहती है। इस बार सरकार की ओर से गेटों की मरम्मत और आधुनिक तकनीक से रखरखाव किया जा रहा है, यह अच्छी पहल है। इससे लोगों में भरोसा बढ़ा है कि बाढ़ के समय पानी का बेहतर ढंग से निकास हो सकेगा।

    हरिकिशुन मंडल ने बताया कि कोसी बराज इस इलाके के लाखों लोगों के लिए सुरक्षा कवच है। समय-समय पर इसकी मरम्मत और निगरानी जरूरी है। अगर सभी गेट सही तरीके से काम करेंगे तो बाढ़ के दौरान खतरा काफी कम रहेगा और लोगों को राहत मिलेगी।

    राधे मंडल ने बताया कि पहले भी बराज ने बड़े जलप्रवाह का सामना किया है। अब सरकार जिस तरह से गेटों की पेंटिंग, मरम्मत और नई डिजिटल मॉनीटरिंग व्यवस्था कर रही है, उससे उम्मीद है कि इस साल बाढ़ प्रबंधन और बेहतर होगा। हमारी मांग है कि भविष्य में भी इसी तरह नियमित रखरखाव होता रहे।

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