नेपाली महिलाओं को भारत में नागरिकता मिलना हुआ आसान, एक काउंटर पर पूरी होगी प्रोसेस
केंद्र सरकार के निर्देश पर सुपौल के प्रतापगंज प्रखंड में भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वाली नेपाली महिलाओं की सुनवाई अब हर गुरुवार और शुक्रवार को ...और पढ़ें

नेपाली महिलाओं को नागरिकता। (एआई द्वारा जेनरेट इमेज)
HighLights
केंद्र सरकार के निर्देश पर नागरिकता प्रक्रिया हुई सरल।
प्रतापगंज प्रखंड में नेपाली महिलाओं की सुनवाई शुरू।
भारत-नेपाल के पारंपरिक रोटी-बेटी संबंध होंगे मजबूत।
संवाद सूत्र, प्रतापगंंज (सुपौल)। नागरिकता मुद्दों पर अब जमीनी स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद प्रखंड प्रशासन ने इस दिशा में पहल करते हुए काम प्रारंभ कर दिया है।
प्रखंड कार्यालय में अब प्रत्येक गुरुवार और शुक्रवार को उन नेपाली महिलाओं के मामलों की सुनवाई की जा रही है, जिनकी शादी प्रखंड क्षेत्र में हुई है और जो लंबे समय से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना कर रही थीं।
पहले जहां उन्हें एवं उनके स्वजन को वर्षों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। अब प्रखंड कार्यालय के काउंटर से ही उनके मामलों का समाधान संभव हो सकेगा।
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि के आदेश के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। इसका सीधा लाभ उन नेपाली महिलाओं को मिलेगा, जिनकी शादी भारत में हुई है, लेकिन अब तक उन्हें भारतीय नागरिकता नहीं मिल सकी है।
लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब ऐसी महिलाओं को लंबी और जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। नेपाल सीमा से सटे बिहार के जिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इन मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करें और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया को सरल बनाएं।
अब तक पहचान, निवास और वैवाहिक स्थिति से जुड़े जटिल दस्तावेजों के कारण कई महिलाएं वर्षों से परेशान थीं। नए निर्देशों के बाद इन समस्याओं में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है।
रोटी-बेटी का रिश्ता
इतना ही नहीं सरकार का यह कदम न केवल प्रभावित महिलाओं को राहत देगा, बल्कि भारत-नेपाल के पारंपरिक सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को भी मजबूती प्रदान करेगा।
रोटी-बेटी के रिश्ते के कारण दोनों देशों के बीच लंबे समय से वैवाहिक संबंध स्थापित होते रहे हैं, जिससे नागरिकता से जुड़े मुद्दे समय-समय पर सामने आते रहे हैं।
यह भी पढ़ें- फजीहत के बाद नेपाल ने बदले भंसार नियम, यात्री सामान पर शुल्क छूट की नई व्यवस्था लागू