Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हाजीपुर में आपूर्ति कार्यालय का लिपिक गिरफ्तार, निगरानी ने 2 हजार की घूस लेते रंगेहाथ दबोचा

    Updated: Tue, 07 Jul 2026 05:41 PM (IST)

    हाजीपुर अनुमंडल आपूर्ति कार्यालय के लिपिक सुमन सौरव को निगरानी विभाग ने मंगलवार को 2000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. लिपिक सुमन सौरव 2000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।

    2. जनवितरण प्रणाली दुकानदार की शिकायत पर कार्रवाई।

    3. निगरानी विभाग ने हाजीपुर में रंगे हाथ दबोचा।

    जागरण संवाददाता, हाजीपुर। स्थानीय अनुमंडल आपूर्ति कार्यालय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए लिपिक सुमन सौरभ को 2 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया और कर्मी इधर-उधर भागने लगे।

    उक्त कार्रवाई डीएसपी सतीश चंद्र माधव के नेतृत्व में की गई। जानकारी के अनुसार लालगंज थाना क्षेत्र के लक्ष्मी नारायणपुर निवासी जन वितरण प्रणाली विक्रेता किशन कुमार का दुकान एसडीओ द्वारा रद्द कर दिया गया था। इसके बाद किशन कुमार ने न्यायालय में मामला दायर किया। न्यायालय के आदेश पर उनका निलंबन वापस ले लिया गया।

    कागजी कार्रवाई पूरी कर फाइल आगे बढ़ाने के दौरान कार्यालय में तैनात लिपिक सुमन सौरभ ने काम कराने के बदले किशन कुमार से 2 हजार रुपये की मांग की। किशन कुमार रुपये नहीं देना चाहते थे। इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में की।

    शिकायत पर सत्यापन के बाद निगरानी ने एक धावा दल का गठन किया। टीम डीएसपी सतीश चंद्र माधव के नेतृत्व में गठन किया गया। 11 सदस्य टीम में एक डीएसपी के अलावा दो इंस्पेक्टर, तीन दरोगा सहित अन्य शामिल हैं।

    खबरें और भी

    मंगलवार को टीम ने कार्यालय के बाहर जाल बिछाया और जैसे ही सुमन सौरभ ने 2 हजार रुपये रिश्वत लिए, उसे रंगे हाथ पकड़ लिया गया। गिरफ्तार लिपिक सुमन सौरभ, निवासी कोनहारा, नगर थाना क्षेत्र बताया गया है। वह पिछले डेढ़ साल से अनुमंडल आपूर्ति कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात था।

    बताया गया कि सुमन सौरभ के पिता के निधन के बाद उसे अनुकंपा पर पहले चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के रूप में नौकरी मिली थी। बाद में प्रमोशन पर वह लिपिक बना।

    गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम पहले उसे पूछताछ के लिए सर्किट हाउस ले गई। पूछताछ के बाद उसे अपने साथ ले जाकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    निगरानी पटना के डीएसपी सतीश चंद्र माधव ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। किसी भी सरकारी कर्मी द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर तुरंत निगरानी विभाग को शिकायत करें। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    यह भी पढ़ें- बिहार के पानी में घुलता 'जहर'? आर्सेनिक और फ्लोराइड से कैंसर के खतरे पर पटना हाई कोर्ट में PIL