बिहार के पानी में घुलता 'जहर'? आर्सेनिक और फ्लोराइड से कैंसर के खतरे पर पटना हाई कोर्ट में PIL
पटना हाई कोर्ट में बिहार के भूजल में आर्सेनिक और फ्लोराइड की बढ़ती मात्रा को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो रहा ह ...और पढ़ें

आर्सेनिक और फ्लोराइड से कैंसर के खतरे पर पटना हाई कोर्ट में PIL

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विधि संवाददाता, पटना। बिहार के भूजल में आर्सेनिक और फ्लोराइड की बढ़ती मात्रा से उत्पन्न जनस्वास्थ्य संकट को लेकर पटना हाई कोर्ट में लोकहित याचिका दायर की गई है।
याचिका में राज्य के सभी जिलों से भूजल के नमूने एकत्र कर उनका वैज्ञानिक परीक्षण कराने, प्रभावित क्षेत्रों की न्यायिक निगरानी में जांच कराने तथा लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए व्यापक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।
याचिकाकर्ता राजीव रंजन सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि राज्य के 38 जिलों में से करीब 18 से 22 जिलों के भूजल में आर्सेनिक और फ्लोराइड की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक होने की आशंका है। इसके कारण कैंसर, न्यूरोलॉजिकल विकार सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
याचिका में इसे राज्य के लाखों लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता जताई गई है।
याचिका में हाई कोर्ट से आग्रह किया गया है कि पूरे मामले की मॉनिटरिंग करते हुए राज्य सरकार को प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ करने, सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा दूषित जल से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया जाए।
इसके अलावा राज्य के सभी जिलों में आधुनिक जल परीक्षण प्रयोगशालाएं (वाटर टेस्टिंग लैब) और वाटर ट्रीटमेंट यूनिट स्थापित करने का भी अनुरोध किया गया है, ताकि भूजल की नियमित जांच और शुद्धिकरण की व्यवस्था विकसित हो सके।
याचिकाकर्ता ने इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के सचिव को भी प्रतिवेदन भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
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