बिहार के सोनपुर में लगेगा सुर-ताल का महाकुंभ, देश-विदेश से जुटेंगे दिग्गज कलाकार
सोनपुर में 7 अगस्त को बाबा रामलखन दास जी महाराज की 57वीं पुण्यतिथि पर 86वां संगीत, वाद्य एवं नृत्य सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें देश-विदेश के ख्याति प्रा ...और पढ़ें

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HighLights
सोनपुर में 7 अगस्त को 86वां संगीत, वाद्य एवं नृत्य सम्मेलन।
देश-विदेश के ख्याति प्राप्त कलाकार बिखेरेंगे शास्त्रीय कला का जादू।
बाबा रामलखन दास जी की 57वीं पुण्यतिथि पर होगा यह आयोजन।
जागरण संवाददाता, हाजीपुर। महासंत स्व बाबा रामलखन दास जी महाराज की 57वीं पुण्य स्मृति 7 अगस्त पर हरिहरक्षेत्र सोनपुर शास्त्रीय संगीत, नृत्य और वाद्य की रागिनी से गूंज उठेगा।
लोकसेवा आश्रम सांस्कृतिक एवं कला मंच सोनपुर की ओर से आयोजित 86वें संगीत, वाद्य एवं नृत्य सम्मेलन में राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के कलाकार एक मंच पर अपनी कला का जादू बिखेरेंगे।
बिहार प्रदेश उदासीन महामंडल के अध्यक्ष सह लोक सेवा आश्रम सोनपुर के व्यवस्थापक संत बाबा विष्णुदास उदासीन उर्फ मौनी बाबा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि सम्मेलन की शुरुआत स्व. संत बाबा राम लखन दास की कलाकारों की ओर से श्रद्धांजलि रागों की वर्षा से होगी।
जाने-माने कलाकार सजाएंगे महफिल
जयपुर राजस्थान से पधार रहे पंडित रमेश मेवाल अपनी शास्त्रीय गायकी से शाम को सजाएंगे। किराना घराने की विरासत को आगे बढ़ा रहे पंडित समीरन विश्वास कोलकाता से आकर सुरों की गहराई का अहसास कराएंगे।
कोलकाता के ही डॉ. स्वर्णमय चक्रवर्ती और पश्चिम बंगाल के सिद्धेश्वर भौमिक भी मंच संभालेंगे। भौमिक जी गायन के साथ हारमोनियम पर भी अपनी अंगुलियों का कमाल दिखाएंगे।
वैशाली की मिट्टी से निकले देवानंद ठाकुर और सेवानिवृत्त जिला जज दिनेश शर्मा उप-शास्त्रीय गायन से श्रोताओं को भावविभोर करेंगे। मंगलाचरण की पवित्र स्वर-लहरियां भारती संगीत विद्यालय लालगंज के कला साधक प्रस्तुत करेंगे।
तबले की थाप पर थिरकेगा सोनपुर
बला वादन की महफिल भी यादगार रहने वाली है। जयपुर से डा. पंडित अंकित पारीक तबला एवं पखावज दोनों पर अपनी महारत दिखाएंगे। उनके साथ तबले पर संगत देंगे
जयपुर के ही मास्टर सुभांकित पारीक, पश्चिम बंगाल के जटिलेश्वर पारीक, रांची झारखंड के लक्ष्मीनारायण ओझा, कोलकाता के सुदीप चटर्जी और पटना के आर्यन शंकर। तबले की एक-एक थाप हरिहरक्षेत्र के कण-कण को स्पंदित कर देगी।
सितार के तार और बांसुरी की तान, बांग्लादेश तक से सुरों का सेतु
तार और सुषिर वाद्यों की बारी में कोलकाता के सुरमणि सुजॉय बोस सितार के तारों पर रागों का इंद्रधनुष रचेंगे। वहीं सरहद पार चिटगांव, बांग्लादेश से आ रहे उस्ताद सुमन कुमार नाथ की बांसुरी की मधुर तान गंगा-यमुनी संस्कृति का संदेश देगी।
कथक की विश्व स्तरीय प्रस्तुतियां
नृत्य की छटा बिखेरने कथक की कई नामचीन हस्तियां आ रही हैं। जयपुर से डॉ. तरुणा जांगिड़, पश्चिम बंगाल से सुश्री झिलिक भौमिक, और कोलकाता से मंजीरा दत्ता व सतामिता कुंर मंच पर कथक के बोल और भाव प्रस्तुत करेंगी। अंतरराष्ट्रीय रंग जमाएंगी बांग्लादेश से पधारीं सुश्री नेहा बोस और प्रिया मैती।
पूरे समूह नृत्य का निर्देशन एवं बोल पढंत की जिम्मेदारी कोलकाता के गुरु पंडित अपूर्व कर जी संभालेंगे। कार्यक्रम के उद्घोषक एवं संयोजक की भूमिका में रहेंगे आकाशवाणी व दूरदर्शन लखनऊ से डॉ. अशोक कुमार सिंह गौतम। मंच सहयोग में मुजफ्फरपुर के आचार्य चंद्र किशोर पराशर और लालगंज के अजय सिंह साथ होंगे।
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सुंदरकांड रामायण पाठ का भी होगा आयोजन
01 अगस्त 2026 को स्व. संत बाबा रामदास जी उदासीन की 27वीं पुण्य तिथि पर एक दिवसीय सुंदरकांड रामायण पाठ का भी आयोजन होगा। सोनपुर का यह सम्मेलन न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे पूर्वांचल के कला प्रेमियों के लिए सुर-ताल का महापर्व साबित होगा, जहां राजस्थान के घरानों से लेकर बंगाल की भाव-भंगिमा और बांग्लादेश की बांसुरी तक का संगम देखने को मिलेगा।