बगहा में 37 लाख खर्च के बाद भी गंदगी का अंबार, अब 50 लाख रुपए में सफाई की तैयारी
बगहा नगर परिषद में हर महीने 37 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद शहर में गंदगी की समस्या बनी हुई है। सड़कों और मोहल्लों में कचरे के ढेर से लोग परेशान हैं। ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
मो. अब्बु साबीर, बगहा। नगर परिषद बगहा में सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। हर महीने करीब 37 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद शहर में गंदगी की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सड़कों, गलियों और मोहल्लों में कचरे का अंबार लगा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब मार्च माह के समाप्त होते ही नई टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिसमें खर्च बढ़ाकर करीब 50 लाख रुपये तक करने की तैयारी है।
नगर परिषद क्षेत्र में सफाई की जिम्मेदारी दो एनजीओदास एंड कंपनी (वार्ड 1 से 25) और साज ट्रेडिंग कंपनी (वार्ड 26 से 35) को सौंपी गई थी। इन दोनों संस्थाओं को हर महीने भारी राशि दी जाती रही, लेकिन जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था प्रभावी नहीं दिखी। मुख्य सड़कों और चौक-चौराहों पर ही सफाई सीमित रह गई, जबकि अंदरूनी मोहल्लों और गलियों में कचरा जमा होता रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई कर्मी नियमित रूप से वार्डों में नहीं पहुंचते हैं। कई जगहों पर कचरा उठाने की व्यवस्था भी सही नहीं है, जिससे बदबू और गंदगी आम समस्या बन गई है। हालात यह हैं कि कई स्थानों पर बिना एक ही जगह कचरा डंप किया जा रहा है।
इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। इधर, नगर परिषद की सफाई व्यवस्था को लेकर निगरानी प्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि कुछ लोगों को एनजीओ की ओर से कथित रूप से लाभ पहुंचाया जाता है, जिसके कारण निरीक्षण और कार्रवाई में ढिलाई बरती जाती है।
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हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आम जनता के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। मार्च के अंत के साथ ही दोनों एनजीओ का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
अब नई व्यवस्था लागू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, इस बार सफाई मद में लगभग 30 प्रतिशत तक राशि बढ़ाई जा सकती है, जिससे कुल खर्च बढ़कर करीब 50 लाख रुपये प्रति माह हो जाएगा।
दोनों एनजीओ का समय पूरा हो चुका है। नए एनजीओ के लिए टेंडर किया गया है। लगभग 30 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ यह राशि 50 लाख तक जा सकती है। नई व्यवस्था लागू होगी और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
सरोज कुमार बैठा, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद बगहा