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    रोहतास में 'नीली क्रांति': मछली उत्पादन में 5 सालों में 45% की रिकॉर्ड वृद्धि, अब झींगा पालन की तैयारी

    Updated: Sat, 04 Apr 2026 03:30 PM (IST)

    रोहतास जिले में पिछले पांच वर्षों में मछली उत्पादन में 45% की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जो 10.65 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 15.5 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच ग ...और पढ़ें

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    राम अवतार चौधरी, डेहरी आन सोन (रोहतास)। रोहतास जिले में मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में एक नए नीली क्रांति की ओर अग्रसर है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में मछली उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिला मत्स्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्पादन का ग्राफ 10.65 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर अब 15.5 हजार मीट्रिक टन के करीब पहुंच रहा है।

    तालाबों की बंदोबस्ती से राजस्व और रोजगार को बल

    जिला मत्स्य पदाधिकारी सतेन्द्र राम ने बताया कि जिले में वर्तमान में कुल 1,265 तालाब हैं। विभाग की सक्रियता के कारण इनमें से लगभग 1,150 तालाबों की बंदोबस्ती सफलतापूर्वक की जा चुकी है।

    इन जल निकायों के प्रबंधन के लिए जिले के सभी प्रखंडों में कुल 19 मत्स्यजीवी सहयोग समितियां सक्रिय हैं। ये समितियां न केवल सरकारी जलकर की बंदोबस्ती कर रही हैं, बल्कि राजस्व प्रबंधन और स्थानीय मछुआरों के हितों की रक्षा भी कर रही हैं।

    उत्पादन के बढ़ते कदम: एक नजर में

    जिले में मछली उत्पादन का सालाना डेटा यह दर्शाता है कि आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंच रहा है:-

    वित्तीय वर्ष उत्पादन (हजार मीट्रिक टन)
    2021-22 10.65
    2022-23 12.85
    2023-24 13.50
    2024-25 14.65
    2025-26 (अनुमानित) 15.50

    झींगा पालन की नई राह: भुवनेश्वर में प्रशिक्षित हुए किसान

    मछली के साथ-साथ अब जिले में झींगा पालन की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। इसके लिए प्रायोगिक तौर पर करहगर प्रखंड के सोनवर्षा निवासी किसान गोपाल सिंह का चयन किया गया।

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    उन्हें भुवनेश्वर स्थित केंद्रीय मीठा जल जीवपालन संस्थान में विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया है। विभाग की योजना है कि गोपाल सिंह की सफलता के बाद जिले के अन्य प्रगतिशील किसानों को भी झींगा पालन के लिए प्रोत्साहित और प्रशिक्षित किया जाए।

    सरकारी योजनाओं का मिल रहा लाभ

    मत्स्यपालकों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत विभिन्न प्रकार की सहायता दी जा रही है। बताया कि मछली विक्रेताओं और पालकों के बीच किट का वितरण किया जा रहा है व बाजार तक पहुंच आसान बनाने के लिए रियायती दरों पर वाहनों का वितरण हुआ है। वहीं आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों के लिए समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।

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    जिले में मत्स्य पालन को एक लाभदायक उद्योग के रूप में विकसित करना हमारा लक्ष्य है। तालाबों की समय पर बंदोबस्ती और झींगा पालन जैसे नए प्रयोगों से किसानों की आय में काफी वृद्धि होगी।

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    सतेन्द्र राम, जिला मत्स्य पदाधिकारी, सासाराम रोहतास