मझौलिया-बेतिया रेल दोहरीकरण: अब 2 जुलाई से होगा नॉन-इंटरलॉकिंग का काम, कई ट्रेनों की थमेगी रफ्तार
मझौलिया-बेतिया रेलखंड दोहरीकरण परियोजना के तहत नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य अब 1 जुलाई के बजाय 2 जुलाई को होगा। यह कार्य 3 जुलाई को प्रस्तावित सीआरएस न ...और पढ़ें

सांकेतिक फोटो
HighLights
मझौलिया-बेतिया रेलखंड पर 2 जुलाई को एनआई कार्य।
यह कार्य 3 जुलाई के सीआरएस निरीक्षण से पूर्व होगा।
मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर ट्रेनें हो सकती हैं प्रभावित।
संवाद सूत्र, बेतिया। मझौलिया-बेतिया रेलखंड के दोहरीकरण परियोजना के तहत आगाी तीन जुलाई को प्रस्तावित सीआरएस निरीक्षण से पूर्व एक दिन के लिए नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य कराया जाना है।
पहले इसकी तिथि एक जुलाई निर्धारित थी। अब प्रशासनिक कारणों से दो जुलाई को नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य किया जाएगा। इस दौरान मुजफ्फरपुर - नरकटियागंज रेलखंड में कई ट्रेनों के परिचालन पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि रेलवे की ओर से ट्रेनों के परिचालन प्रभावित होने से संबंधित सूचना नहीं दी गई है। एनआई कार्य की नई तिथि तय होने के बाद रेलवे प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम चरण में पहुंचाने के लिए काम तेज कर दिया है। स्टेशन परिसर से लेकर पूरे रेलखंड तक अधिकारी और तकनीकी कर्मी आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नॉन इंटरलॉकिंग कार्य दोहरीकरण परियोजना का महत्वपूर्ण चरण है। इसके तहत सिग्नलिंग प्रणाली, ट्रैक, प्वाइंट्स, इंटरलॉकिंग व्यवस्था और अन्य तकनीकी उपकरणों का परीक्षण एवं समायोजन किया जाता है, ताकि नए रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु ढंग से शुरू किया जा सके।
टीआई विनोद कुमार ने बताया कि पहले एनआई कार्य एक जुलाई को प्रस्तावित था, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे स्थगित कर दो जुलाई की नई तिथि निर्धारित की गई है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी तकनीकी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं। सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक कनेक्टिविटी, प्वाइंट्स और अन्य आवश्यक उपकरणों की जांच की जा रही है, जिससे कार्य तय समय में सफलतापूर्वक पूरा हो सके।
परिचालन टीम कर रही निगरानी
उन्होंने बताया कि रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। निर्माण, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार तथा परिचालन शाखा की टीमें लगातार मौके पर मौजूद रहकर तैयारियों की निगरानी कर रही हैं। किसी भी तकनीकी कमी को समय रहते दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया जाता है कि मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 2 जुलाई को हर हाल में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि तीन जुलाई को प्रस्तावित मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का निरीक्षण निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराया जा सके।
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तीन जुलाई को CRS निरीक्षण प्रस्तावित
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सीआरएस निरीक्षण दोहरीकरण परियोजना का अहम पड़ाव है। निरीक्षण सफल रहने के बाद नए ट्रैक पर ट्रेनों के परिचालन की औपचारिक मंजूरी मिलने का रास्ता साफ होगा।
इससे इस रेलखंड पर परिचालन क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और यात्रियों को भी बेहतर रेल सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही परियोजना के अगले चरण की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ाई जा सकेगी।
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