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    'खत्म कर दो LTCG टैक्स', दिग्गज निवेशक विजय केडिया की वित्त मंत्री से बड़ी मांग; दिए ये अहम 3 सुझाव

    Updated: Thu, 28 May 2026 01:44 PM (IST)

    मशहूर निवेशक विजय केडिया ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से पूंजी बाजार को मजबूत करने के लिए तीन अहम सुझाव दिए हैं। उन्होंने सूचीबद्ध शेयरों पर लॉन्ग ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. विजय केडिया ने कैपिटल मार्केट को मजबूत करने के लिए सुझाव दिए।

    2. लिस्टेड शेयरों पर LTCG टैक्स खत्म करने की मांग की।

    3. लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

    नई दिल्ली। शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों से लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने सरकार को चिंता में डाल दिया है। हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भरोसा दिया था कि वह निवेशकों की चिंताओं पर गौर करेंगी। इस बीच मशहूर निवेशक विजय केडिया (Vijay Kedia) ने सरकार से बड़ी मांग कर दी है। दरअसल, उन्होंने कैपिटल मार्केट्स को मजबूत करने के लिए 3 सुझाव दिए हैं। इनमें सबसे पहला LTCG टैक्स को लेकर है।

    क्यों खत्म होना चाहिए LTCG टैक्स?

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में विजय केडिया ने लिखा कि लिस्टेड शेयरों पर 'लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स' समाप्त किया जाना चाहिए। क्योंकि, लॉन्गटर्म शेयरधारक सट्टेबाज नहीं, बल्कि धैर्यवान निवेशक होता है। ऐसे निवेशक, अगल-अलग कंपनियों में निवेश करके और उन्हें अपने पास रखकर, कंपनियों को विस्तार करने, रोजगार पैदा करने, इनोवेशन करने और भारत के आर्थिक विकास में योगदान देने में मदद करते हैं।

    पूंजी बाजार को पैसों की जरूरत

    विजय केडिया ने लिखा, "भारत को विश्व स्तरीय उद्यमों, बुनियादी ढांचे और वैश्विक स्तर पर अग्रणी कंपनियों के निर्माण के लिए भारी मात्रा में लंबी अवधि के लिए पूंजी की आवश्यकता है। ऐसे में बेहतर टैक्स पॉलिसी के जरिए भारतीय परिवारों को सोने जैसे आयातित मूल्यवान संपत्तियों समेत निष्क्रिय परिसंपत्तियों से अपनी बचत को उत्पादक व्यवसायों में लगाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, जो रोजगार सृजित करें, कर राजस्व उत्पन्न करें और राष्ट्रीय संपत्ति का निर्माण करें।"

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    उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टैक्स पॉलिसी में निवेश और सट्टेबाजी के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए। दीर्घकालिक शेयरधारक धन सृजन में भागीदार होता है, न कि केवल बाजार लेनदेन में हिस्सा लेने वाला। इसलिए सरकार को टैक्स पॉलिसी के जरिए लॉन्ग टर्म इन्वेस्टिंग को पुरस्कृत करना चाहिए और इसे अल्पकालिक सट्टेबाजी से अलग करना चाहिए।