₹15 हजार करोड़ में अदाणी की हुई जयप्रकाश एसोसिएट्स, इस महा-डील में गौतम अदाणी को क्या-क्या मिला?
एनसीएलटी ने जयप्रकाश एसोसिएट्स (JAL) के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज की ₹15,000 करोड़ की समाधान योजना को मंजूरी दे दी है, वेदांता की आपत्तियां खारिज हुईं। इ ...और पढ़ें

HighLights
एनसीएलटी ने अदाणी की ₹15,000 करोड़ की जेएएल डील को मंजूरी दी।
अदाणी को दिल्ली-एनसीआर में बड़ा रियल एस्टेट पोर्टफोलियो मिला।
सीमेंट प्लांट, पावर प्रोजेक्ट्स और लग्जरी होटल भी हुए अदाणी के।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की इलाहाबाद बेंच ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज की ₹15,000 करोड़ की समाधान योजना को आखिरकार अपनी हरी झंडी दिखा दी है। इसके साथ ही इस अधिग्रहण की रेस में शामिल वेदांता ग्रुप (अनिल अग्रवाल) की आपत्तियों को भी खारिज कर दिया गया है।
इस फैसले के बाद हर किसी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कर्ज में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स के पास ऐसा क्या खजाना है, जिसके लिए गौतम अदाणी और अनिल अग्रवाल जैसे दिग्गज कारोबारी आमने-सामने थे? आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ₹15 हजार करोड़ की इस डील से अदाणी ग्रुप के हाथ क्या-क्या लगा है।
जेपी ग्रुप का रियल एस्टेट का कितना बड़ा साम्राज्य है?
जयप्रकाश एसोसिएट्स की सबसे बड़ी ताकत उसका रियल एस्टेट पोर्टफोलियो है, खासकर दिल्ली-NCR में। इस डील से अदाणी ग्रुप को सीधे तौर पर इन प्रमुख संपत्तियों का मालिकाना हक मिलेगा।
इसमें यमुना एक्सप्रेसवे पर 2,470 एकड़ में फैली जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स सिटी और प्रीमियम टाउनशिप: ग्रेटर नोएडा में 452 एकड़ का 'जेपी ग्रीन्स' और नोएडा में 1,063 एकड़ की 'विशटाउन टाउनशिप' (इसका एक हिस्सा) शामिल है।
इन प्रोजेक्ट्स में गोल्फ कोर्स, क्लब, रिसॉर्ट और स्पा जैसी प्रीमियम सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी का फैसिलिटी मैनेजमेंट बिजनेस भी हर साल लगभग ₹200 करोड़ की कमाई करता है। दिल्ली-NCR में कंपनी के तीन बड़े कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ऑफिस भी हैं।
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जेपी के लग्जरी होटल और रिजॉर्ट्स कितने हैं?
| शहर | होटल का नाम |
| दिल्ली | जेपी वसंत कॉन्टिनेंटल |
| दिल्ली | जेपी सिद्धार्थ |
| आगरा | जेपी पैलेस |
| मसूरी | जेपी रेजीडेंसी मैनर / रिजॉर्ट |
| ग्रेटर नोएडा | जेपी ग्रीन्स गोल्फ रिजॉर्ट |
जेपी ग्रुप की सीमेंट और पावर सेक्टर की प्रॉपर्टी कहां-कहां है?
भले ही जयप्रकाश एसोसिएट्स के सीमेंट प्लांट अभी बंद पड़े हैं, लेकिन इनका रणनीतिक महत्व बहुत ज्यादा है।
- सीमेंट प्लांट: मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश (रीवा, चुनार और चुर्क) में 4 बड़े सीमेंट प्लांट और लीज पर ली गई चूना पत्थर की खदानें।
- कैप्टिव पावर: 279 मेगावाट की कैप्टिव पावर क्षमता।
- पावर वेंचर्स में हिस्सेदारी: समूह की कंपनी 'जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड' में 24% की बड़ी हिस्सेदारी। इसके तहत 1,320 मेगावाट का निग्री पावर प्लांट, 500 मेगावाट का बीना पावर प्लांट और 400 मेगावाट का विष्णुप्रयाग हाइड्रो पावर प्लांट आता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में क्या-क्या है?
जेपी ग्रुप के पास देश और विदेश में बड़े प्रोजेक्ट्स का अनुभव और निवेश है, जो अब अदाणी ग्रुप के पोर्टफोलियो को मजबूत करेगा। मध्य प्रदेश की नईगढ़ी माइक्रो इरिगेशन योजना, तेलंगाना का अलीमिनेती माधव रेड्डी प्रोजेक्ट, भूटान का पुनात्सांगछू-II (1020 MW) और नेपाल का अरुण-3 (900 MW) प्रोजेक्ट शामिल है। वहीं हिमालय एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे टोलिंग लिमिटेड और जेपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसी कंपनियों में 100% हिस्सेदारी।