JP Associates का अदाणी की इन 5 कंपनियों में से किसके साथ होगा विलय? NCLT की मंजूरी के बाद आया बड़ा अपडेट
NCLT इलाहाबाद बेंच ने दिवालिया जयप्रकाश एसोसिएट्स (JP Associates News Adani) के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मौखिक मंजूरी द ...और पढ़ें

दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) को आखिरकार अपना नया मालिक मिल गया है।

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JP Associates News Adani) को आखिरकार अपना नया मालिक मिल गया है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की इलाहाबाद बेंच ने 14,535 करोड़ रुपये की अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) की बोली को अपनी मौखिक मंजूरी दे दी है। लेकिन इस बड़ी डील के फाइनल होने के साथ ही सबसे दिलचस्प सवाल यह उठ रहा है कि जेपी एसोसिएट्स का नाम अब अदाणी समूह की किस विशिष्ट कंपनी के साथ जुड़ेगा? कंपनी द्वारा SEBI को दी गई जानकारी के बाद इस बात के स्पष्ट संकेत मिले हैं कि इस अधिग्रहण को किस तरह से अंजाम दिया जाएगा।
किस कंपनी के खाते में जाएगा JP Associates?
रेग्युलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, इस रेजोल्यूशन प्लान को सिर्फ अदाणी एंटरप्राइजेज तक ही सीमित नहीं रखा गया है। इसे अदाणी ग्रुप की अन्य कंपनियों, प्रमोटर्स या एक नए स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के जरिए भी लागू किया जा सकता है। जेपी एसोसिएट्स को टेकओवर करने की रेस में अदाणी ग्रुप की जो प्रमुख इकाइयां शामिल हो सकती हैं, उनमें अदाणी पावर लिमिटेड (Adani Power), अदाणी इंफ्रा (इंडिया) लिमिटेड, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ), कर्णावती एविएशन प्राइवेट लिमिटेड, मंधाता बिल्ड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
इसका सीधा मतलब है कि जेपी एसोसिएट्स का विलय या संचालन इनमें से किसी भी कंपनी के बैनर तले या एक बिल्कुल नई इकाई (SPV) बनाकर किया जा सकता है।
डील से जुड़ी अन्य मुख्य बातें क्या हैं?
17 मार्च 2026 को NCLT ने इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की धारा 31 के तहत अदाणी एंटरप्राइजेज के रेजोल्यूशन प्लान को मौखिक तौर पर अपनी सहमति दे दी है। अदाणी ग्रुप ने अपना प्लान 14 अक्टूबर 2025 को जमा किया था (जिसमें 5 नवंबर को ईमेल के जरिए कुछ स्पष्टीकरण दिए गए थे)। बाद में 19 नवंबर 2025 को अदाणी एंटरप्राइजेज को इस प्रक्रिया के लिए 'सफल बोलीदाता' चुना गया था।
इस मौखिक आदेश के बाद जेपी एसोसिएट्स के पुनर्गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। हालांकि, विस्तृत शर्तें और नियम NCLT के लिखित आदेश के आने के बाद ही पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेंगे।