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    JP Associates की खरीदारी में अदाणी से कैसे मात खा गए वेदांता के अनिल अग्रवाल? 3 साल के अंतर ने बिगाड़ा खेल

    Updated: Tue, 17 Mar 2026 07:52 PM (IST)

    अदाणी एंटरप्राइजेज ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से जयप्रकाश एसोसिएट्स (JAL) के अधिग्रहण की मंजूरी प्राप्त कर ली है। ₹14,535 करोड़ की इस बोली मे ...और पढ़ें

    JP Associates की खरीदारी में अदाणी से कैसे मात खा गए वेदांता के अनिल अग्रवाल? 3 साल के अंतर ने बिगाड़ा खेल

    JP Associates की खरीदारी में अदाणी से कैसे मात खा गए वेदांता के अनिल अग्रवाल? 3 साल के अंतर ने बिगाड़ा खेल

    HighLights

    1. NCLT ने अदाणी एंटरप्राइजेज को JP Associates अधिग्रहण की मंजूरी दी।

    2. अदाणी का 2 साल का भुगतान प्लान वेदांता पर भारी पड़ा।

    3. अधिग्रहण से अदाणी के सीमेंट, रियल एस्टेट कारोबार का विस्तार।

    नई दिल्ली। JP Associates को नया मालिक मिल गया है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने मंगलवार को अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की 14,535 करोड़ रुपये की उस बोली को मंजूरी दे दी, जिसके तहत वह इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया के ज़रिए जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड का अधिग्रहण करेगी। खास बात यह है कि इस बोली में अनिल अग्रवाल की वेदांता आगे थे तो फिर बाजी अदाणी की अदाणी एंटरप्राइजेज मार गई? आइए जानते हैं।

    एक रेगुलेटरी फाइलिंग में, जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) ने बताया कि NCLT की इलाहाबाद बेंच ने "17 मार्च, 2026 को मौखिक रूप से एक आदेश सुनाया है," जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा पेश की गई समाधान योजना को मंजूरी दी गई है।

    कहा जा रहा है कि लिखित आदेश जारी होने के बाद कंपनी विस्तृत जानकारी देगी। इससे पहले, अदाणी एंटरप्राइजेज को संकटग्रस्त कंपनी के लिए सफल बोली लगाने वाले के रूप में चुना गया था।

    पहले वेदांता ने जीती थी JP Associates को खरीदने की बोली

    सितंबर 2025 में खबर आई थी कि वेदांता ग्रुप ने जयप्रकाश एसोसिएट्स (JAL) को खरीदने की बोली जीत ली है। वेदांता ने ₹17,000 करोड़ की बोली लगाकर अदाणी ग्रुप को पीछे छोड़ा था। उस समय अदाणी ग्रुप सेकेंड हाइएस्ट बिडर था। लेकिन अगले कुछ महीनों में ऐसा हुआ कि वेदांता बोली जीतकर भी रेस से बाहर होने लगी। अदाणी ग्रुप ने 14,535 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी।

    अदाणी के पेमेंट प्लान पर फिदा हुए क्रेडिटर्स

    सितंबर 2025 में वेदांता ने JP Associates को खरीदने की सबसे बड़ी बोली भले लगाए, लेकिन उसका पेआउट प्लान क्रेडिटर्स (उधारी देने वाली जैसे- बैंक) को पसंद नहीं आया। इसके बाद नवंबर में खबरें आना शुरू हुईं कि अदाणी एंटरप्राइजेज के इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया के जरिए जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) को खरीदने के लिए सबसे बड़ी बोली लगाने वाली कंपनी के तौर पर उभरने की संभावना है, क्योंकि कंपनी का अधिग्रहण राशि का भुगतान दो साल में करने का प्रस्ताव, वेदांता के पांच साल में भुगतान करने के प्रस्ताव से बेहतर पाया गया है।

    खबरें और भी

    इसके कुछ दिनों बाद खबर आई कि जयप्रकाश एसोसिएट्स के लेनदारों ने सर्वसम्मति से अदाणी एंटरप्राइजेज के पक्ष में वोट दिया।

    5 साल के पेमेंट प्लान ने वेदांता से छीन ली JP Associates

    अदाणी ग्रुप की बोली को उसके पेमेंट प्लान के कारण प्राथमिकता दी गई, जिसमें लगभग ₹6,000 करोड़ का अग्रिम भुगतान और शेष राशि दो वर्षों के भीतर देने का प्रस्ताव था। इसकी तुलना में, वेदांता ने 12,505 करोड़ रुपये की नेट प्रेजेंट वैल्यू (NPV) का प्रस्ताव दिया था और पूरा भुगतान 5 साल में किया जाता।। यही कारण है कि क्रेडिटर्स ने अदाणी ग्रुप को प्राथमिकता दी। यानी दोनों के पेमेंट प्लान को पूरा करने में 3 साल का अंतर था। और इसी तीन साल ने अदाणी को जीत दिलाई।

    JP Associates की मालिक बनी अदाणी समूह

    JAL के कारोबार में रियल एस्टेट, सीमेंट, बिजली, होटल और सड़क क्षेत्र शामिल हैं। अब जेपी एसोसिएट्स के अंतर्गत आने वाला बिजनेस अदाणी ग्रुप का होगा। अदाणी ग्रुप के पोर्टफोलियो में इजाफा हो गया है।

    यह अधिग्रहण अडानी समूह के सीमेंट विस्तार में सहायक होगा। JAL की संपत्तियां जिनमें शाहबाद ग्राइंडिंग यूनिट और चुनार सीमेंट प्लांट के साथ-साथ चूना पत्थर की खदानें भी शामिल हैं। क्षमता बढ़ाने और कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करेंगी।

    अदाणी ग्रुप की कंपनी, अंबुजा सीमेंट्स, FY28 तक अपना उत्पादन मौजूदा 109 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 155 मिलियन टन करने की योजना बना रही है।

    JAL के पास बड़े रियल एस्टेट एसेट्स भी हैं, जिनमें ग्रेटर नोएडा में जयपी ग्रीन्स, नोएडा में विशटाउन, और आने वाले जेवर एयरपोर्ट के पास जयपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स सिटी शामिल हैं। साथ ही नेशनल कैपिटल रीजन, मसूरी और आगरा में इसके होटल्स भी हैं।

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