भंग होंगी अदाणी समूह की 9 सहायक कंपनीज, NCLT ने दी अहम मंजूरी; सिर्फ एक कंपनी पर फैसला आना बाकी
अदाणी पावर लिमिटेड की 9 पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के विलय को NCLT अहमदाबाद बेंच ने मंजूरी दे दी है। ...और पढ़ें

अदाणी पावर ने एक्सचेंज को दी 9 कंपनियों के विलय की जानकारी
HighLights
अदाणी पावर की 9 सहायक कंपनियों का विलय मंजूर।
NCLT अहमदाबाद बेंच ने योजना को दी मंजूरी।
इस योजना का उद्देश्य कंपनी के संचालन को सरल बनाना है।
नई दिल्ली। अदाणी समूह की दिग्गज कंपनी, अदाणी पावर लिमिटेड (Adani Power Limited) को कॉर्पोरेट ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मिली है। दरअसल, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की अहमदाबाद बेंच ने अदाणी पावर की 9 पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के मुख्य कंपनी में विलय की योजना को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। कंपनी ने एक्सचेंज को दी फाइलिंग में यह कहा है।
इससे पहले अदाणी पावर ने अक्टूबर 2025 में अपनी विभिन्न सहायक कंपनियों को पैरेंट कंपनी के साथ जोड़ने के लिए एक 'स्कीम ऑफ अमलगमेशन' (Scheme of Amalgamation) का प्रस्ताव रखा था। इस योजना का उद्देश्य कंपनी के ऑपरेशन को सरल बनाना, प्रशासनिक खर्चों को कम करना और संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है।
इन 9 कंपनियों का विलय
NCLT अहमदाबाद ने 4 अगस्त, 2026 को इस योजना पर अपनी मुहर लगा दी। ट्रिब्यूनल के इस फैसले के बाद अडानी पावर दाहेज लिमिटेड और कोरबा पावर लिमिटेड जैसी बड़ी इकाइयां अब सीधे अडानी पावर का हिस्सा बन जाएंगी।
विलय होने वाली सहायक कंपनी का नाम
- अदाणी पावर दाहेज लिमिटेड (APDL)
- कच्छ पावर जनरेशन लिमिटेड (KPGL)
- रिसर्जेंट फ्यूल मैनेजमेंट लिमिटेड (RFML)
- महान फ्यूल मैनेजमेंट लिमिटेड (MFML)
- उड़ीसा थर्मल एनर्जी लिमिटेड (OTEL)
- कोरबा पावर लिमिटेड (KPL)
- अनूपपुर थर्मल एनर्जी (MP) प्राइवेट लिमिटेड (ATEMPPL)
- मिर्जापुर थर्मल एनर्जी (UP) प्राइवेट लिमिटेड (MTEUPPL)
- एम्बेरिज़ा इंफ्रा पार्क लिमिटेड (EIPL)
अदाणी पावर के अनुसार, इस विलय योजना के लिए 'नियत तिथि' (Appointed Date) 1 अप्रैल, 2025 तय की गई है। हालांकि, यह योजना पूरी तरह से तभी प्रभावी होगी जब स्वीकृत स्कीम में निर्धारित सभी आवश्यक कानूनी और तकनीकी कदम पूरे कर लिए जाएंगे।
खबरें और भी
ये भी पढ़ें - RBI का 'ब्रह्मास्त्र' फेल! डॉलर बेचने की जगह विदेश से भारत लाए $40 बिलियन, फिर भी क्यों नहीं चढ़ा रुपया?
विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर (VIPL) पर फैसला अभी बाकी
रिपोर्ट के अनुसार, जहां 9 कंपनियों को अहमदाबाद बेंच से हरी झंडी मिल गई है, वहीं विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड (VIPL) के विलय का मामला अभी भी NCLT की मुंबई बेंच के समक्ष विचाराधीन है। इस पर फैसला आने के बाद ही VIPL का विलय पूर्ण हो सकेगा।