सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    भारत का इंजीनियरिंग मार्वल: ये है देश का सबसे लंबा समुद्री पुल, ₹17840 करोड़ की लागत से इन्होंने बनाया 'पानी पर अजूबा'

    Updated: Wed, 18 Mar 2026 10:12 AM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 जनवरी 2024 को 'अटल सेतु' का उद्घाटन किया, जो भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल है। मुंबई के सेवरी और न्हावा शेवा को जोड़ने ...और पढ़ें

    अटल सेतु है भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल

    अटल सेतु है भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 जनवरी 2024 को आधिकारिक तौर पर 'अटल सेतु' (Atal Setu) या 'मुंबई ट्रांस हार्बर सीलिंक' (MTHL) का उद्घाटन किया था। ये भारत में समुद्र के ऊपर बना सबसे लंबा पुल (Longest Sea Bridge in India) है। मुंबई के सेवरी और रायगढ़ जिले के न्हावा शेवा इलाके के बीच बना 22 किलोमीटर लंबा यह छह-लेन वाले इस पुल ने यात्रा के समय को दो घंटे से घटाकर लगभग 15-20 मिनट कर दिया। आइए जानते हैं कि इसे किसने और कितने में बनाया था।

    कितने में बना अटल सेतु?

    अटल सेतु में 6-लेन का सी लिंक है, जिसमें 16.5 किलोमीटर लंबा सी लिंक और जमीन पर 5.5 किलोमीटर लंबे वायाडक्ट शामिल हैं। इसके निर्माण में लगभग 177,903 मीट्रिक टन स्टील और 504,253 मीट्रिक टन सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है।
    इस खास पुल को लगभग 18,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।

    किसने बनाया था अटल सेतु?

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अटल सेतु को किसी एक कंपनी ने नहीं बनाया। इसके सेवरी (मुंबई) वाले हिस्से और जमीन से जुड़े काम को लार्सन एंड टर्बो (L&T) और जापानी कंपनी आईएचआई इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम्स (IHI Infrastructure Systems) ने मिलकर तैयार किया।
    वहीं नवी मुंबई वाले हिस्से को देवू इंजीनियरिंग (Daewoo Engineering) और टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड (Tata Project Ltd) ने मिलकर तैयार किया था। यानी इसे कुल 4 कंपनियों ने मिलकर बनाया था।

    बहुत पुरानी थी इस प्रोजेक्ट की प्लानिंग

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2018 से इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए रोजाना कुल 5,403 मजदूरों और इंजीनियरों ने काम किया। बता दें कि मुंबई के आइलैंड शहर को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले एक कनेक्टर का आइडिया सबसे पहले 1962 में "Planning of Road System for Mumbai Metropolitan Region" नाम की एक स्टडी में पेश किया गया था।
    कई रुकावटों के बाद, MMRDA द्वारा जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी के साथ एक समझौता करने के बाद इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू किया गया।

    खबरें और भी

    क्या आई बड़ी मुश्किल?

    समुद्र तल से 15 मीटर की ऊँचाई पर बनाने के लिए तैयार किया इंफ्रास्ट्रक्चर इस समुद्री पुल के निर्माण का सबसे कठिन हिस्सा रहा। समुद्री हिस्से में, इंजीनियरों और मजदूरों को समुद्र तल में लगभग 47 मीटर तक खुदाई करनी पड़ी।

    ये भी पढ़ें - ये है देश का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन, 172 साल पुराना इतिहास; बनाने में कितने हुए खर्च?