₹273370000000 का फ्रॉड केस, अनिल अंबानी की RCOM के खिलाफ CBI का एक्शन; मुंबई से गुरुग्राम तक चला तलाशी अभियान
CBI ने अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े ₹27337 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में मुंबई, गुरुग्राम और बेंगलुरु सहित सात ठिकानों पर तलाशी अभियान च ...और पढ़ें
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रिलायंस कम्युनिकेशंस केस में CBI ने चलाया तलाशी अभियान
HighLights
CBI ने RCom फ्रॉड केस में सात ठिकानों पर तलाशी ली।
₹27337 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई की गई।
दो वरिष्ठ अधिकारी पहले ही न्यायिक हिरासत में हैं।
IANS, नई दिल्ली। अनिल अंबानी की रिलायंस कम्यूनिकेशन से जुड़े फ्रॉड केस में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को कहा कि उसने रिलायंस एडीए ग्रुप की कंपनियों में से एक रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े एक मामले में सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है।
सीबीआई ने एक बयान में कहा कि यह छापेमारी मुंबई, गुरुग्राम और बेंगलुरु में स्थित परिसरों पर की गई। जांच एजेंसी ने बयान में कहा, तलाशी कंपनी के उस समय के सीईओ, सीएफओ और डायरेक्टर्स के घरों पर की गई, जिन्होंने 2015 से 2017 के दौरान कंपनी में काम किया था। यह कार्रवाई 14 मई 2026 को मुंबई की सीबीआई मामलों की विशेष अदालत द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की गई।
27337 करोड़ रुपये का फ्रॉड केस
सीबीआई ने पिछले कुछ महीनों में अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप के खिलाफ सात मामले दर्ज किए हैं। ये मामले विभिन्न सरकारी बैंकों और एलआईसी की शिकायतों के आधार पर दर्ज किए गए हैं।
इन मामलों में हजारों करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप है। सीबीआई के अनुसार, इन मामलों में कुल कथित नुकसान 27337 करोड़ रुपये का है।
तलाशी में मिले आपत्तिजनक दस्तावेज
सीबीआई ने बताया कि तलाशी के दौरान कई अहम और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं और मामले की जांच आगे भी जारी है।
जांच एजेंसी ने बताया कि इन मामलों के दर्ज होने के बाद पिछले कुछ महीनों में 31 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा चुका है।
रिलायंस कम्युनिकेशंस के 2 अधिकारी हुए थे गिरफ्तार
इससे पहले 20 अप्रैल को रिलायंस कम्युनिकेशंस के दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें डी. विश्वनाथ और अनिल काल्या शामिल हैं। सीबीआई के मुताबिक, डी. विश्वनाथ समूह के बैंकिंग संचालन के प्रभारी थे, जबकि अनिल काल्या बैंकिंग संचालन और फंड के उपयोग से जुड़े कार्यों में उनकी मदद कर रहे थे।
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दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने कहा कि अनिल अंबानी समूह से जुड़े मामलों की जांच की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है।
पिछले शनिवार को भी सीबीआई ने मुंबई में 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई रिलायंस टेलीकॉम, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस, रिलायंस होम फाइनेंस और उनके निदेशकों के खिलाफ दर्ज तीन मामलों के संबंध में की गई थी।
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