चीन का एक और झटका! हीलियम के निर्यात पर लगाई रोक; मोबाइल, कार, और अस्पतालों की MRI मशीनों पर दिखेगा असर
चीन ने हीलियम के निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे चिप, सेमीकंडक्टर और MRI मशीनों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर वैश्विक असर पड़ेगा। भारत क ...और पढ़ें

चीन ने हीलियम के निर्यात पर लगाई रोक
HighLights
चीन ने हीलियम के निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया।
चिप, सेमीकंडक्टर, MRI मशीनों और रक्षा तकनीक पर असर।
भारत के विनिर्माण, मोबाइल उत्पादन को आपूर्ति चुनौतियों का सामना।
नई दिल्ली| टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल के दौरान हीलियम गैस बहुत बड़ा रोल प्ले करती है। चिप, सेमीकंडक्टर से लेकर हॉस्पिटल्स की MRI मशीनें और रक्षा के क्षेत्र से जुड़ी कई तकनीकों को बनाने और इस्तेमाल करने में हीलियम गैस की जरूरत होती है। अब चीन ने हीलियम की सप्लाई पर रोक लगा कर दुनिया के कई देशों को बड़ा झटका दिया है। भारत में भी इसका बुरा असर देखने को मिल सकता है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय और सीमा शुल्क के सामान्य प्रशासन ने घोषणा की कि चीन (China) ने हीलियम के निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
भारत पर कैसा रहेगा असर?
भारत मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ये दुनिया के बड़े इलेट्रॉनिक बाजारों में खुद को स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। केंद्र सरकार सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देश में चिप फैक्ट्रियां लगाने पर भी जोर दे रही है, साथ ही मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे समय में हीलियम की कमी से देश की इन विशेष योजनाओं के प्रोडक्शन पर असर पड़ सकता है।
इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में हीलियम एक जरूरी कच्चा माल है। इसकी कमी से ना सिर्फ फैक्ट्रियों को आपूर्ति की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है बल्कि कीमत बढ़ने की भी आशंका है।
सेमीकंडक्टर और चिप कितने जरूरी
जिस तरह से आज की दुनिया डीजल-पेट्रोल, ईंधन और ऊर्जा से चलती है, उसी तरह चिप और सेमीकंडक्टर भी बहुत महत्वपूर्ण तकनीक हैं। इसका उपयोग फोन, लैपटॉप से लेकर कार, फ्रिज, एयर कंडीशनर जैसे जरूरी मशीनों और रक्षा से जुड़े यंत्रों पर किया जाता है। हीलियम गैस इन्हें बनाने का प्रमुख कच्चा माल है। इसके अलावा अस्पतालों की MRI मशीनों में भी इस गैस का इस्तेमाल किया जाता है।
वेस्ट एशिया युद्ध से सप्लाई पर असर
हीलियम गैस के निर्यात पर चीन के रोक लगाने का फैसला ऐसे समय पर आया है जब पश्चिमी एशिया में चल रहे तनावपूर्ण माहौल के कारण पहले ही सप्लाई पर दबाव बना हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्सपर्ट्स ने अनुमान लगाया है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पहले की तरह सामान्य नहीं हो जाती, साथ ही कतर में एक प्रमुख प्लांट बंद होने के बाद उत्पादन पर बुरा असर पड़ा है। अगर प्रोडक्शन पूरी तरह बहाल नहीं होता है, तो सप्लाई पर बुरा प्रभाव देखने को मिलेगा, और ये समस्या लंबे समय तक चलती रहेगी।
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चीन ने क्यों लिया निर्यात रोकने का फैसला?
चीनी कमोडिटी का डेटा देने वाले SCI99 के अनुसार, चीन हीलियम का उत्पादक देश नहीं बल्कि बड़ा निर्यातक देश है। चीन की 80 प्रतिशत से अधिक हीलियम की आपूर्ति विदेशी आयात पर निर्भर है। चीन ने विदेशी व्यापार कानून के तहत पेश की गई इस घोषणा में सभी देशों के लिए हीलियम के निर्यात पर रोक लगाई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक चीन अपनी घरेलू जरूरतों की आपूर्ति बनाए रखने के लिए ये फैसला लिया है।