यूरोपीय संघ के बाजार में ड्रैगन की नो-एंट्री! कंपनियों को बाहर करने वाले नए नियमों पर भड़का चीन
यूरोपीय संघ के प्रस्तावित नए पब्लिक प्रोक्योरमेंट रेगुलेशन से चीनी कंपनियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया में शामिल होने में दिक्कत ...और पढ़ें

यूरोपीय संघ के नए नियम चीनी कंपनियों को प्रभावित करेंगे।
HighLights
यूरोपीय संघ के नए नियम चीनी कंपनियों को प्रभावित करेंगे।
सरकारी खरीद प्रक्रिया में चीनी कंपनियों की भागीदारी सीमित होगी।
CCCEU ने यूरोपीय आयोग से निष्पक्षता और पारदर्शिता की अपील की।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। चीन को यूरोपीय संघ (EU) ने बड़ा झटका दिया है। दरअसल, यूरोपियन यूनियन में प्रस्तावित पब्लिक प्रोक्योरमेंट रेगुलेशन चीन की कंपनियों को सरकारी टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने से रोकेगा या सीमित करेगा। इसी को लेकर चीन की कंपनियों ने चिंता जताई है।
यूरोप में चीनी कारोबारियों के संगठन CCCEU (China Chamber of Commerce to the EU) ने कहा कि सरकारी खरीद में कंपनियों को उनके देश के आधार पर सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
EU के बाजार में चीनी कंपनियों के लिए टेंडर हासिल करना होगा मुश्किल
यह प्रतिक्रिया यूरोपीय आयोग के प्रस्तावित नए नियमों के बाद आई है। इसमें यूरोपीय प्राथमिकता के तहत यूरोपीय कंपनियों को कुछ क्षेत्रों में प्राथमिकता देने का प्रावधान है। CCCEU को आशंका है कि नए नियमों से चीनी कंपनियों के लिए यूरोप में सरकारी ठेके हासिल करने के रास्ते मुश्किल हो सकते हैं।
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संगठन के मुताबिक, इसका असर नेट-जीरो इंडस्ट्री, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, रेलवे, समुद्री बुनियादी ढांचे और ICT जैसे क्षेत्रों में हो सकता है। CCCEU ने कहा कि केवल कंपनी के मूल देश या अन्य गैर-तकनीकी कारणों के आधार पर बाजार तक पहुंच सीमित करना निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर सकता है।
चीन ने यूरोपीय आयोग से क्या कहा?
CCCEU ने यूरोपीय आयोग से अपील की है कि नए नियम बनाते समय यूरोप में काम कर रही चीनी कंपनियों के स्थानीय निवेश, रोजगार और आर्थिक योगदान को भी ध्यान में रखा जाए।
संगठन ने कहा कि अगर किसी कंपनी पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो उसके लिए स्पष्ट, पारदर्शी और जांचे जा सकने वाले मानक होने चाहिए। साथ ही नियमों में समानता और अनुपातिकता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
चीनी चैंबर ने यूरोपियन कमीशन से की ये खास अपील
चीनी चैंबर ने यूरोपियन कमीशन से अपील की है कि पब्लिक प्रोक्योरमेंट रेगुलेशन को आगे बढ़ाते समय, वह "यूरोपियन प्राथमिकता" और तीसरे देश की कंपनियों को बाजार तक पहुंचने पर लगी पाबंदियों से जुड़ी अपनी पॉलिसी के मामले में समझदारी भरा रवैया अपनाए।
CCCEU ने कहा, "ऐसे किसी भी उपाय का आधार स्पष्ट, निष्पक्ष, पारदर्शी और सत्यापन योग्य मानदंड होना चाहिए, साथ ही आनुपातिकता के सिद्धांत और EU के अंतरराष्ट्रीय व्यापार दायित्वों का भी सम्मान किया जाना चाहिए। और सार्वजनिक खरीद में सप्लायर की राष्ट्रीयता या सामान के मूल देश के आधार पर सप्लायर या सामान के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।"
