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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Godrej Group के बंटवारे पर सहमत हुआ परिवार, दो पक्ष में हुआ बंटवारा; जानें किसे क्या मिला

    Updated: Wed, 01 May 2024 10:35 AM (GMT+05:30)

    गोदरेज समूह (Godrej Group) को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बता दें कि गोदरेज ग्रुप 127 वर्ष पुराना है। इस ग्रुप के बटवारे को लेकर परिवार द्वारा सह ...और पढ़ें

    Godrej Group के बंटवारे पर सहमत हुआ परिवार
    Godrej Group के बंटवारे पर सहमत हुआ परिवार

    पीटीआई, नई दिल्ली। 127 वर्ष पुराने गोदरेज समूह (Godrej Group) के बंटवारे पर सहमति बन गई है। समूह की लिस्टेड कंपनियां आदी गोदरेज और उनके भाई नादिर के पास रहेंगी। वहीं, जमशेद और स्मिता के पास अनलिस्टेड कंपनी गोदरेज एंड बायस उसकी सहयोगी कंपनियां रहेंगी। मुंबई में प्राइम प्रापर्टी सहित लैंड बैंक भी जमशेद और स्मिता को मिलेगा।

    समूह की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक समूह का बंटवारा संस्थापक परिवार की दो शाखाओं के बीच किया गया है। एक पक्ष 82 वर्षीय आदी गोदरेज और उनके 73 वर्षीय भाई नादिर का है वहीं दूसरे पक्ष में 75 वर्षीय जमशेद गोदरेज और स्मिता गोदरेज हैं। समझोते के अनुसार जमशेद गोदरेज गोदरेज एंटरप्राइजेज समूह के चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर होंगे।

    उनकी बहन स्मिता की बेटी निरिका होलकर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर होंगी। गोदरेज एंटरप्राइजेज समूह में गोदरेज एंड बायस और सहयोगी कंपनियां शामिल हैं। समूह का कारोबार एयरोस्पेस और एविएशन से लेकर रक्षा, फर्नीचर और आइटी साफ्टवेयर तक फैला है। इस कारोबार को नियंत्रित करने वाले पक्ष को लैंड बैंक भी मिलेगा। लैंड बैंक में मुंबई में 3,400 एकड़ की जमीन भी शामिल है।

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    वहीं नादिर गोदरेज गोदरेज इंडस्ट्रीज समूह के चेयरपर्सन होंगे और इस पर आदी, नादिर और उनके परिवार के सदस्यों का नियंत्रण होगा। गोदरेज इंडस्ट्रीज समूह में गोदरेज इंडस्ट्रीज, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, गोदरेज प्रापर्टीज, गोदरेज एग्रोवेट और एस्टेक लाइफसाइंसेज शामिल है। बयान में कहा गया है कि आदी के बेटे 42 वर्षीय पिरोजशा गोदरेज गोदरेज इंडस्ट्रीज समूह के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरपर्सन होंगे और अगस्त 2026 तक चेयरपर्सन के तौर पर नादिर की जगह लेंगे।

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    न्यूज एसजेंसी पीटीआई के अनुसार गोदरेज परिवार ने बंटवारे को गोदरेज कंपनियों में शेयरहोल्डिंग की 'ओनरशिप को फिर से संगठित करना' करार दिया है। दोनों समूह गोदरेज ब्रांड का उपयोग करते रहेंगे। मेडिकल डिवाइस बनाने के कारोबार में नाकामी के बाद वकील से उद्यमी बने अर्देशिर गोदरेज और उनके भाई 1897 में ताला बनाने के कारोबार में सफलता हासिल की थी।

    अर्देशिर की कोई संतान नहीं थी। इसलिए समूह उनके छोटे भाई पिरोजशा को विरासत में मिला। पिरोजशा के चार बच्चे थे - सोहराब, दोसा, बुर्जोर और नवल। बाद में समूह का नेतृत्व बुर्जोर (आदी और नादिर) और नवल (जमशेद और स्मिता) के बच्चों के पास आ गया क्योंकि सोहराब की कोई संतान नहीं थी, जबकि दोसा का एक बच्चा रिशद था, जिसकी कोई संतान नहीं थी।

    बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों ने कंपनियों के बोर्ड छोड़ दिए है। आदी और नादिर गोदरेज ने गोदरेज एंड बायस के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है, जबकि जमशेद गोदरेज ने जीसीपीएल और गोदरेज प्रापर्टीज के बोर्ड में अपनी सीट छोड़ दी। गोदरेज समूह का कारोबार साबुन, होम अप्लायंसेज से लेकर रियल एस्टेट तक फैला है।

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