सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पेट्रोल के दिन गए! आ रहा E85 और E100 ईंधन का जमाना; 60 से 70 रुपये लीटर वाले तेल पर सरकार ने कर ली बड़ी तैयारी

    Updated: Wed, 29 Apr 2026 12:48 PM (IST)

    भारत सरकार पेट्रोल आयात घटाने के लिए वाहन ईंधन फ्रेमवर्क में बड़े बदलाव प्रस्तावित कर रही है। इसके तहत E85 और E100 जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. E85 और E100 एथेनॉल ईंधन पर तेजी से विचार जारी।

    2. पेट्रोल आयात और निर्भरता कम करना मुख्य लक्ष्य।

    3. सड़क परिवहन मंत्रालय ने मसौदा अधिसूचना जारी की।

    नई दिल्ली। भारत सरकार ने पेट्रोल (Petrol Import) के आयात और निर्भरता को कम करने की रणनीति के तहत, व्हीकल फ्यूल फ्रेमवर्क में व्यापक बदलाव प्रस्तावित किए हैं और इसके तहत E85 व E100 जैसे हायर एथेनॉल ब्लेंडिंग को औपचारिक रूप से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। दरअसल, मंगलवार देर रात जारी एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों (Motor Vehicle Act) में संशोधन की रूपरेखा प्रस्तुत की है, जिससे देश में एडवांस एथेनॉल-आधारित ईंधनों का उपयोग संभव हो सकेगा।

    न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रस्ताव में मौजूदा E20 मानक से आगे बढ़कर उन वाहनों के लिए नियामक गुंजाइश बनाने का प्रयास किया गया है जो काफी अधिक एथेनॉल सामग्री के अनुकूल हों।

    क्या है E85 और E100 ईंधन?

    प्रस्तावित परिवर्तनों में E85 ईंधन (85% एथेनॉल और पेट्रोल का मिश्रण) और E100 ईंधन के प्रावधान शामिल हैं, जिससे वाहन लगभग शुद्ध एथेनॉल पर चल सकेंगे। दरअसल, E85 और E100 दोनों ही एथेनॉल (Ethanol) आधारित ईंधन हैं। इनमें 'E' का मतलब एथेनॉल है और इसके साथ लिखी संख्या यह बताती है कि उस ईंधन में कितने प्रतिशत इथेनॉल मिला हुआ है।

    E85: इस ईंधन में 85% एथेनॉल और 15% पेट्रोल का मिश्रण होता है।

    E100: इस ईंधन में 100% एथेनॉल होता है (यानी 0% पेट्रोल)। यह पूरी तरह से शुद्ध बायोफ्यूल है।

    एथेनॉल एक प्रकार का रिन्यूएबल बायोफ्यूल (Biofuel) है, जिसे मुख्य रूप से गन्ने, मक्के, टूटे चावल और कृषि अपशिष्ट (Agricultural Waste) से बनाया जाता है। शुद्ध पेट्रोल की तुलना में एथेनॉल की उत्पादन लागत (प्रति लीटर) आमतौर पर कम होती है। 100% एथेनॉल फ्यूल, पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता होता है। भारत में इसके 60 से 70 रुपये प्रति लीटर के आसपास रहने का अनुमान है। इन श्रेणियों से भारत के जैव ईंधन को बढ़ावा देने के अगले चरण को समर्थन मिलने की उम्मीद है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जिन्हें लचीले ईंधन उपयोग के लिए डिज़ाइन या संशोधित किया गया है। सरकार ने मसौदे पर जनता से प्रतिक्रिया आमंत्रित की है, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    ये भी पढ़ें - अदाणी ग्रुप को लग सकता है झटका! एयरपोर्ट पर एकाधिकार को खत्म करने की तैयारी में सरकार; आसान नहीं होगा बोली जीतना

    भारत ने 2025 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण (E20) का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो उसके जैव ईंधन कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह नवीनतम कदम कच्चे तेल के महंगे आयात को कम करने के लिए, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में तनाव से जुड़ी आपूर्ति बाधाओं के बीच, मिश्रण के स्तर को और भी बढ़ाने की दिशा में एक बदलाव का संकेत देता है।

    खबरें और भी