तांबा 'उगलने' वाली इस कंपनी की चमकने वाली है किस्मत! 'नवरत्न' बनते ही मिलेगी 1000 करोड़ की पावर
सरकारी कंपनी हिंदुस्तान कॉपर 'नवरत्न' का दर्जा पाने का प्रयास कर रही है। चेयरमैन संजीव कुमार सिंह के अनुसार, यह उपलब्धि बेहतर परिचालन, संगठनात्मक उत्क ...और पढ़ें

'नवरत्न' बनते ही मिलेगी 1000 करोड़ की पावर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
भाषा, नई दिल्ली। सरकारी कंपनी हिंदुस्तान कॉपर ‘नवरत्न’ (Hindustan Copper Navratna Company) का दर्जा पाने का प्रयास कर रही है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव कुमार सिंह का मानना है कि यह उपलब्धि कंपनी के बेहतर ऑपरेशनल, ऑर्गेनाइजेशनल एक्सीलेंस और स्ट्रेटेजिक ग्रोथ की वजह से हासिल होगी। हिंदुस्तान कॉपर इस समय अपने खनन परिचालन के तेजी से विस्तार की योजना बना रही है। कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) ने हाल में अपने कर्मचारियों को एक पत्र लिखा। आइए जानते हैं कि उन्होंने उस पत्र में क्या कहा था।
किसे मिलता है नवरत्न का दर्जा?
पत्र में हिंदुस्तान कॉपर के सीएमडी ने कहा, "हम नवरत्न का दर्जा पाने की अपनी कोशिशों में तेजी ला रहे हैं। यह न केवल परिचालन के मोर्चे पर हमारे बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है, बल्कि संगठन की उत्कृष्टता तथा रणनीतिक परिपक्वता का भी संकेत देता है। हम अपने मानकों को बेहतर करने और प्रदर्शन को सीमाओं से आगे ले जाने की मंशा रखते हैं।"
नवरत्न का दर्जा लोक उपक्रम विभाग द्वारा शीर्ष प्रदर्शन वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को दिया जाता है। इससे कंपनी को वित्तीय और परिचालन के मोर्चे पर अधिक स्वायत्तता मिलती है
1000 करोड़ निवेश करने की सुविधा
नवरत्न के दर्जे वाली कंपनी बिना सरकारी मंजूरी के इंटरनल प्रोजेक्ट्स पर 1,000 करोड़ रुपये या नेटवर्थ का 15 प्रतिशत तक निवेश कर सकती है। सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान कॉपर ने 2025-26 के दौरान कई मोर्चों पर प्रगति की है। इनमें खनन परिचालन को मजबूत करना, विस्तार और नई परियोजनाएं, प्रणाली और प्रक्रियाओं में सुधार शामिल है।
उन्होंने कहा कि कंपनी डिजिटलीकरण, परिचालन दक्षता और अनुपालन की दिशा में भी कई कदम उठा रही है। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड 2030 तक अपनी खनन क्षमता को मौजदा के 40 लाख टन सालाना से बढ़ाकर 1.22 करोड़ टन करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।