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    पता चल गई नेपाल के आम पर बैन लगाने वाली सच्चाई! भारत ने किया 2005 टन आमों का निर्यात

    Updated: Thu, 11 Jun 2026 10:54 AM (IST)

    केंद्र सरकार ने नेपाल द्वारा भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की खबरों को 'भ्रामक' बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय आमों का निर्यात बि ...और पढ़ें

    नेपाल ने नहीं लगाया भारतीय आमों पर बैन (सांकेतिक तस्वीर)

    नेपाल ने नहीं लगाया भारतीय आमों पर बैन (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. भारत सरकार ने नेपाल के आम प्रतिबंध को भ्रामक बताया।

    2. भारतीय आमों का नेपाल को निर्यात बिना बाधा जारी है।

    3. नेपाल ने फलों के लिए नए गर्म जल उपचार नियम लागू किए।

    नई दिल्ली| भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक खबरें लगातार सुर्खियों में रही हैं। हाल ही में कई रिपोर्ट्स से पता चला था कि नेपाल ने भारत के आम आयात पर रोक लगा दी थी। अब केंद्र सरकार ने भारत से आम के आयात पर नेपाल में रोक लगाए जाने संबंधी कुछ मीडिया रिपोर्ट को 'तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक' बताते हुए बुधवार को खारिज कर दिया। इसके साथ ही सरकार ने ये भी कहा कि नेपाल को होने वाला भारतीय आमों का निर्यात बिना किसी बाधा के लगातार जारी है।

    कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने कहा कि नेपाल के प्लांट क्वारंटीन एवं पेस्टीसाइट मैनेजमेंट सेंटर ने खुद ही 10 जून को यह स्पष्ट किया कि भारतीय आमों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

    नेपाल भेजे गए हैं 2005 टन आम

    कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने जानकारी दी है कि, मौजूदा नियमों के तहत पौधों के स्वास्थ्य संबंधी शर्तों का पालन करने पर आयात की अनुमति जारी है। इन शर्तों का पालन पर आयात की अनुमति और रिलीज ऑर्डर जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने ये भी बताया कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक भारत ने नेपाल को 2,005 टन आम की 149 खेपों का निर्यात किया है, जबकि जून में अब तक 266 टन आम की 18 खेपें भेजी जा चुकी हैं।

    नेपाल ने बदले हैं व्यापार के नियम

    मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार नेपाल ने हाल ही में अपने कुछ आयात नियमों में संशोधन किया है। जिसके तहत फलों और अन्य कृषि उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'गर्म जल उपचार' (Hot water treatment) को अनिवार्य बनाया गया है।

    ये भी पढ़ें: अब समंदर का किंग होगा भारत! स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की तरह स्ट्रेट ऑफ मलक्का की होगी चर्चा? ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट समझिए

    इस पर भारत ने जानकारी दी है कि वह नए मानकों के अनुसार आम के निर्यात को आसान बना रहा है। हालांकि, भारत ने इस बात पर नेपाल से चिंता जाहिर की है कि पहले से बातचीत के बगैर ही नए पौध स्वास्थ्य उपायों को लागू कर दिया गया। भारत इस मामले को WTO के स्वच्छता एवं पौध-स्वास्थ्य मानक समझौता और अंतरराष्ट्रीय पौध संरक्षण संधि प्रारूप के तहत द्विपक्षीय स्तर पर उठा रहा है।

    खबरें और भी

    जापान ने लगाया था आमों पर बैन

    केंद्र सरकार ने नेपाल के आम पर बैन लगाने वाली खबरों का खंडन किया है और बिना किसी रुकावट के आमों के निर्यात का आंकड़ा भी दिया है। साथ ही सरकार ने व्यापारियों और ग्राहकों को आधिकारिक खबरों पर ही भरोसा करने की सलाह दी है। बता दें कि नेपाल के आम निर्यात को बैन वाली खबर से ठीक पहले जापान ने भारतीय आमों की खरीदी पर प्रतिबंध लगाया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक जापान ने भारत की बजाय बांग्लादेश का रुख किया था।