खरीफ में किसानों के लिए कैसी है खाद की व्यवस्था? मंत्री ने बताए प्रोडक्शन और इंपोर्ट के आंकड़े!
सरकार ने खरीफ सीजन के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है, जिसमें चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 115.72 लाख टन उर्वरक उत्पादन और 25.08 ला ...और पढ़ें

पहली तिमाही में खाद के उत्पादन और आयात का आंकड़ा
HighLights
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 115.72 लाख टन उर्वरक उत्पादन।
पहली तिमाही में यूरिया और डीएपी का महत्वपूर्ण आयात किया गया।
सरकार ने खरीफ सीजन के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की।
नई दिल्ली| देश में इस समय खरीफ फसलों का सीजन चल रहा है। खरीफ सीजन में देश की मुख्य नकदी फसलों की खेती की जाती है। इन दिनों किसानों के बीच खाद की मांग भी बढ़ जाती है। ग्लोबल पॉलिटिक्स और शिपमेंट में समस्या के बीच देश में खाद की कमी को लेकर चर्चा उठ रही थी। हालांकि सरकार शुरुआत से ही देश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता की बात कहती आई है। बीते दिनों देश के रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने लोकसभा में दिए गए लिखित उत्तर में बताया कि इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में कुल उर्वरक उत्पादन 115.72 लाख टन रहा।
कितना हुआ खाद का उत्पादन?
इन दिनों लोकसभा का मानसूत्र सत्र जारी है। उर्वरक मंत्री के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश में उर्वरक का कुल उत्पादन 115.72 लाख टन रहा। इसमें यूरिया का उत्पादन 71.55 लाख टन और DAP का उत्पादन 9.84 लाख टन बताया गया। वहीं, बीते फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में देश का कुल उर्वरक उत्पादन 517.74 लाख टन रहा था। सरकार ने आगे बताया डोमस्टिक प्रोडक्शन के साथ-साथ खाद का आयात भी किया गया है। जिससे मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहे।
देश में कितना हुआ खादों का आयात?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून 2026 के बीच) में भारत ने 25.08 लाख टन यूरिया और 7.11 लाख टन DAP खाद का इंपोर्ट किया है। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 103.50 लाख टन यूरिया और 61.94 लाख टन DAP का आयात किया था। सरकार ने बताया कि ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही समस्याओं को कम करने के लिए इंपोर्ट सोर्सेज का विस्तार किया जा रहा है। उर्वरक विभाग ने कई देशों में स्थित भारतीय मिशनों के साथ मिलकर नए आपूर्ति के सोर्सेज पर काम कर रहा है।
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किसानों के लिए कैसे रहेगी आपूर्ति व्यवस्था?
PIB के मुताबिक साल 2025-26 के दौरान कुल उर्वरक आवश्यकता 677.18 लाख मीट्रिक टन आंकी गई, जबकि 2024-25 में यह 649.43 लाख मीट्रिक टन थी, जो लगभग 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। सरकार ने जानकारी दी है कि खरीफ सीजन में किसानों के लिए खाद का पर्याप्त भंडारण है, किसानों को खाद की आपूर्ति में कमी नहीं आएगी।