इंडिया की ‘एग सिटी’ नमक्कल: रोजाना 7 करोड़ अंडों का होता है उत्पादन, दुबई-अफ्रीका तक पहुंचते हैं अंडे
तमिलनाडु का नमक्कल भारत की 'एग सिटी' के रूप में प्रसिद्ध है, जहाँ प्रतिदिन 6 से 7 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है और यह देश के सबसे बड़े अंडा निर्यात क ...और पढ़ें

नमक्कल कहलाता है भारत का एग सिटी (AI जनरेटेड फोटो)
HighLights
नमक्कल भारत की "एग सिटी"
यहाँ प्रतिदिन 6 से 7 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है
खाड़ी देशों, अफ्रीका और अमेरिका तक अंडों का निर्यात होता है
नई दिल्ली। तमिलनाडु का नमक्कल सिर्फ एक जिला मुख्यालय नहीं, बल्कि भारत की पोल्ट्री इंडस्ट्री का ऐसा केंद्र है जिसे पूरे देश में "एग सिटी" (Egg City of India) के नाम से जाना जाता है। यहां हर दिन करोड़ों अंडों का उत्पादन होता है और यही वजह है कि नमक्कल भारत के सबसे बड़े अंडा निर्यात केंद्रों में शामिल है। देश के कई राज्यों की जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ यहां से खाड़ी देशों, अफ्रीका और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक अंडों की सप्लाई की जाती है। पोल्ट्री उद्योग ने इस शहर की अर्थव्यवस्था को नई पहचान दी है और हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है।
रोजाना 6 से 7 करोड़ अंडों का उत्पादन
नमक्कल में पोल्ट्री उद्योग का आकार बेहद विशाल है। विभिन्न उद्योग संगठनों के अनुसार यहां प्रतिदिन करीब 6 से 7 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है। जिले में 1,100 से अधिक बड़े और मध्यम पोल्ट्री फार्म संचालित होते हैं, जिनमें करोड़ों लेयर मुर्गियां अंडे देती हैं।
उत्पादन के इस स्तर ने नमक्कल को भारत के सबसे बड़े अंडा उत्पादन केंद्रों में शामिल कर दिया है। यही कारण है कि देश के कई हिस्सों में बिकने वाले अंडों की आपूर्ति सीधे या परोक्ष रूप से नमक्कल से जुड़ी रहती है।
हजारों करोड़ रुपये का सालाना कारोबार
यदि अंडे की औसत थोक कीमत 4.5 से 5 रुपये प्रति अंडा मानी जाए तो नमक्कल में प्रतिदिन लगभग 30 से 35 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। इस आधार पर सालाना कारोबार 10,000 करोड़ रुपये से अधिक बैठता है। इसके अलावा अंडों से जुड़े प्रोसेस्ड उत्पाद, फीड उद्योग, परिवहन, पैकेजिंग और निर्यात गतिविधियां अलग से इकोनॉमिक वैल्यू पैदा करती हैं।
पोल्ट्री सेक्टर की वजह से नमक्कल की स्थानीय अर्थव्यवस्था काफी हद तक अंडा उद्योग पर निर्भर हो चुकी है और यहां हजारों परिवारों की आजीविका इसी क्षेत्र से जुड़ी हुई है।
किन राज्यों में जाते हैं नमक्कल के अंडे?
नमक्कल में उत्पादित अंडों की खपत केवल तमिलनाडु तक सीमित नहीं है। बड़ी मात्रा में अंडे केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में भेजे जाते हैं। तमिलनाडु की सरकारी पोषण योजनाओं और मिड-डे मील कार्यक्रमों में भी नमक्कल के अंडों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि उत्पादन का बड़ा हिस्सा दक्षिण भारत के राज्यों में खप जाता है, जबकि शेष अंडों की सप्लाई देश के अन्य बाजारों में की जाती है।
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खाड़ी देशों से लेकर अमेरिका तक पहुंच
नमक्कल की सबसे बड़ी ताकत उसका निर्यात नेटवर्क है। यहां से रोजाना लगभग 50 लाख से 1 करोड़ अंडों तक का निर्यात होने की क्षमता है। प्रमुख निर्यात गंतव्यों में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ओमान, बहरीन, कतर, कुवैत, मालदीव और कई अफ्रीकी देश शामिल हैं
हाल के वर्षों में अमेरिका को भी पहली बार बड़ी मात्रा में अंडों की खेप भेजी गई, जिससे नमक्कल के पोल्ट्री कारोबार को वैश्विक पहचान मिली। निर्यात के लिए अंडों को विशेष रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों में भेजा जाता है ताकि उनकी गुणवत्ता बनी रहे।
चुनौतियों के बावजूद कायम है ‘एग सिटी’ की बादशाहत
हालांकि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, परिवहन लागत में बढ़ोतरी और पशु आहार की महंगाई जैसी चुनौतियां समय-समय पर उद्योग को प्रभावित करती रही हैं, लेकिन नमक्कल की पहचान आज भी भारत की एग कैपिटल के रूप में बरकरार है। निर्यात में रुकावट आने पर स्थानीय बाजार में कीमतें गिर जाती हैं और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है, फिर भी उत्पादन का विशाल ढांचा इस उद्योग को मजबूती देता है।
जानकारों का मानना है कि यदि निर्यात बाजारों का और विस्तार किया जाए तथा वैल्यू-एडेड एग उत्पादों पर जोर दिया जाए तो आने वाले वर्षों में नमक्कल का पोल्ट्री कारोबार और अधिक तेजी से बढ़ सकता है।