₹400 प्रति बोरी चावल, ₹30 प्रति क्रेट अंडा और पांच गुना तक बढ़े पालक के दाम, ₹175 प्रति किलो बिक रही साग; नेपाल में फूटा महंगाई बम!
त्योहारों के बीच महंगाई चरम पर है, जहां चावल, सब्जियां और अंडे जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। भारत से आने वाले चावल की कीमतों में नेप ...और पढ़ें

नेपाल में तेजी से बढ़ी महंगाई (AI Image)
HighLights
नेपाल में चावल की कीमत ₹400 प्रति बोरी बढ़ी।
पालक और सरसों के साग के दाम पांच गुना तक बढ़े।
अंडों की कीमतों में ₹30 प्रति क्रेट का उछाल आया।
नई दिल्ली|इन दिनों दुनिया के कई देशों में महंगाई (Inflation) का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। भारत में भी महंगाई का असर देखने को मिला है, ईंधन और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में इजाफा देखने को मिला है। लेकिन भारत के पड़ोसी देश नेपाल के हाल कुछ ज्यादा ही बेहाल हो गए हैं। नेपाल में त्योहारी महीने के बीच फल-सब्जी, अंडे और अन्य खाने की चीजों की कीमत में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है, जिससे आम लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे महंगा हुआ भारत का चावल
नेपाल में खाद्य पदार्थों की कीमत में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। नेपाली मीडिया "द काठमांडू पोस्ट" के मुताबिक सबसे अधिक महंगाई भारत से आने वाले चावल में देखने को मिली है। चावल नेपाल का मुख्य भोजन माना जाता है रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले तीन महीनों में खुदरा कीमतों में प्रति बोरी ₹400 तक की वृद्धि हुई है।
नेपाल के चावल, तेल और दाल उत्पादक संघ के सदस्य विभोर अग्रवाल ने नेपाली मीडिया को बताया कि “भारत में धान की कीमत में 800 से 900 भारतीय रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। परिवहन लागत, पिसाई खर्च और सीमा शुल्क जोड़ने के बाद, यह वृद्धि खुदरा कीमतों में भी देखने को मिलती है।” अग्रवाल के अनुसार, जीरा मासीनो चावल का एक बोरा जो तीन महीने पहले लगभग 2,100 रुपये में बिकता था, अब लगभग 2,500 रुपये में बिक रहा है।
भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव का असर
अग्रवाल ने कहा कि अधिकांश किस्मों के थोक भाव में प्रति बोरी ₹300 से ₹400 की बढ़ोतरी हुई है। नेपाल में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त धान का उत्पादन नहीं होता है, इसलिए वे आयात पर निर्भर हैं। भारतीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर यहां की कीमतों पर तुरंत पड़ता है।
सब्जियों की कीमत कर रहीं अधिक परेशान
कालीमती फल एवं सब्जी बाजार विकास बोर्ड के थोक आंकड़ों से पता चलता है कि मानसून की बारिश से उत्पादन बाधित होने और आपूर्ति कम होने के कारण पिछले महीने कई सब्जियों की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सरसों के साग की थोक कीमतें 1 जुलाई को ₹35 प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2 अगस्त को ₹175 प्रति किलोग्राम हो गईं, जबकि कुछ बाजारों में खुदरा कीमतें 200 रुपये प्रति किलोग्राम से भी ऊपर पहुंच गईं। पालक की कीमत पांच गुना बढ़कर 55 रुपये प्रति किलोग्राम से 275 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
अंडों की कीमत भी तेजी से बढ़ी
एवियन इन्फ्लूएंजा के प्रकोप के कारण घबराहट में हुई बिकवाली के बाद अंडों की कीमतों में भारी गिरावट आई थी, लेकिन हाल के हफ्तों में उनमें फिर से उछाल आया है। थोक कीमतों में ₹30 प्रति क्रेट की बढ़ोतरी हुई है। बड़े अंडे अब ₹500 प्रति क्रेट से बढ़कर ₹530 प्रति क्रेट हो गए हैं, जबकि मध्यम आकार के अंडों की कीमत ₹470 से बढ़कर ₹500 हो गई है। अतिरिक्त बड़े अंडों की कीमत ₹515 से बढ़कर ₹545 प्रति क्रेट हो गई है।