8th Pay Commission के बीच रंजना प्रकाश देसाई को मिली बड़ी जिम्मेदारी, क्या अब बहाल होगी OPS?
महाराष्ट्र सरकार ने समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई को एक समिति का प्रमुख नियुक्त किया है। ...और पढ़ें

8th Pay Commission के बीच रंजना प्रकाश देसाई को मिली बड़ी जिम्मेदारी, क्या अब बहाल होगी OPS?
HighLights
रंजना देसाई महाराष्ट्र UCC ड्राफ्ट समिति की प्रमुख बनीं।
कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग से न्याय की उम्मीद।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली की मांग तेज हुई।
नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग की चेयरपर्सन रंजान देसाई को महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एक सात सदस्यीय समिति का गठन किया, जिसकी कमान 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की अध्यक्ष और माननीय सेवानिवृत्त जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है।
इस बड़े एलान के बाद देश के लाखों केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनभोगियों में भी उत्साह की लहर है। कर्मचारी संगठनों ने रंजना प्रकाश देसाई को बधाई देते हुए अपनी कुछ मांगें भी सामने रखी हैं। कर्मचारियों को भरोसा है कि न्यायमूर्ति रंजना देसाई के दूरदर्शी और न्यायप्रिय नेतृत्व में न सिर्फ महाराष्ट्र को एक बेहतर नीति मिलेगी, बल्कि 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट में भी कर्मचारियों के साथ पूरा न्याय होगा। आइए जानते हैं कर्मचारी संगठन ने क्या मांग उठाई?
फिटमेंट फैक्टर को लेकर बढ़ी उम्मीदें!
कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगियों का कहना है कि जस्टिस देसाई के सक्षम मार्गदर्शन में इस बार कर्मचारियों को एक शानदार और न्यायसंगत फिटमेंट फैक्टर मिलेगा। ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन एवं नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के राष्ट्रीयअध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने रंजना देसाई को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि,' कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी पूरा भरोसा है कि आपके कुशल मार्गदर्शन में इस बार एक बेहतरीन, न्यायसंगत फिटमेंट फैक्टर मिलेगा और उनके लंबित मुद्दों और OPS का समाधान 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट के माध्यम से शीघ्र होगा।'
बार-बार क्यों उठ रही है OPS की मांग?
सरकारी कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा की वजह से लगातार ओपीएस की मांग करते जा रहे हैं। OPS में अंतिम मूल वेतन का आधा हिस्सा (50%) बतौर पेंशन, जीवनभर के लिए गारंटीकृत होता है, जबकि नई पेंशन योजना (NPS) शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती है। कर्मचारियों का मानना है कि बुढ़ापे की पूंजी बाजार के जोखिमों (Market Risks) पर नहीं छोड़ी जा सकती, क्योंकि बाजार गिरने पर पेंशन की राशि काफी कम हो जाती है।
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कौन हैं रंजना प्रकाश देसाई?
रंजना प्रकाश देसाई सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश हैं, उन्होंने सितंबर 2011 से 2014 तक सुप्रीम कोर्ट में अपनी सेवाएं दी है। रंजना प्रकाश देसाई न्यायालय में अपनी सेवाएं देने वाली और सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत होने वाली पांचवीं महिला हैं। समान नागरिक संहिता का मुद्दा उनके लिए नई बात नहीं है, महाराष्ट्र से पहले वो उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार चुकी हैं। महाराष्ट्र में मिली इस नई जिम्मेदारी के साथ-साथ वो आठवें वेतन आयोग की चेयरपर्सन भी हैं, जिसका इंतजार देशभर के लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स कर रहे हैं।