ITR 2026: रिटर्न फाइल करने वालों के लिए इनकम टैक्स विभाग की चेतावनी; टैक्स भरने से पहले जरूर देख लें, वरना होगी दिक्कत!
आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर फाइल करने वालों को अंतिम समय की हड़बड़ी और भारी जुर्माने से बचने के लिए एक महत्वपूर्ण एडवायजरी जारी क ...और पढ़ें

रिटर्न फाइल करने वालों के लिए इनकम टैक्स विभाग की चेतावनी; टैक्स भरने से पहले जरूर देख लें, वरना होगी दिक्कत! (AI Generated Image)
HighLights
सही टैक्स रिजीम और आईटीआर फॉर्म का चुनाव करें।
AIS, Form 26AS और सभी दस्तावेजों को ध्यान से जांचें।
अंतिम तिथि से पहले फाइल करें और ई-वेरिफिकेशन अवश्य करें।
नई दिल्ली। टैक्सपेयर्स के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है! फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की तारीख करीब आ रही है। ऐसे में आयकर विभाग ने आखिरी समय की जल्दबाजी और भारी जुर्माने से बचने के लिए एक बेहद जरूरी एडवायजरी जारी की है।
आईटीआर फाइलिंग में की गई एक छोटी सी चूक भी आपके लिए परेशानी का सबब बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक खास चेकलिस्ट शेयर की है। ऐसे में अगर आप विभाग द्वारा सुझाई गई बातों का ध्यान नहीं रखते हैं, तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि इनकम टैक्स विभाग में क्या-क्या कहा?
1. अपने लिए सही टैक्स रिजीम (Tax Regime) चुनें
आईटीआर भरने से पहले ये जरूर देख लें कि आपके लिए कौन सा तरीका फायदेमंद है, न्यू टैक्स रिजीम या ओल्ड टैक्स रिजीम? दोनों में मिलने वाली छूट और टैक्स के आंकड़ों को आपस में मिला लें। जहां आपका टैक्स सबसे कम बन रहा हो, उसी ऑप्शन को चुनें ताकि आपकी जेब पर ज्यादा बोझ न पड़े।
2. सही ITR फॉर्म का चुनाव करें
रिटर्न भरते समय सही फॉर्म चुनना बहुत जरूरी है। भारत में टोटल 7 तरह के ITR फॉर्म होते हैं। आपको कौन सा फॉर्म चुनना है, ये इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी कमाई कितनी है, कमाई का जरिया (जैसे सैलरी, बिजनेस या घर का किराया) क्या है और आप भारत में रहते हैं या विदेश में। अगर आपने गलत फॉर्म चुन लिया, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को डिफेक्टिव मानकर रिजेक्ट कर सकता है। जिसके बाद आपका पैसा भी अटक सकता है।
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3. AIS और Form 26AS को ध्यान से चेक करें
अपना रिटर्न सबमिट करने से पहले ऑनलाइन जाकर अपना Annual Information Statement (AIS) और Form 26AS जरूर डाउनलोड कर लें। इसमें आपकी कमाई और कटे हुए टैक्स (TDS) की पूरी जानकारी होती है। इसे आप अच्छे से मैच करें और अगर दोनों में कोई अतंर हो तो तुरंत उसे ठीक करें।
4. पहले से सारे डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें
रिटर्न फाइल करते समय ये बहुत जरूरी है कि आपके पास सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स पहले से मौजूद हों। आपके पास कंपनी से मिला Form 16, बैंक का स्टेटमेंट, बैंक या पोस्ट ऑफिस से मिला ब्याज का सर्टिफिकेट (Interest Certificate) और टैक्स छूट के लिए किए गए इन्वेस्टमेंट के प्रूफ होने चाहिए। किसी भी एक डॉक्यूमेंट के ना होने से भी आपको नुकसान हो सकता है।
5. पहले से भरी हुई जानकारियों को अच्छे से चेक करें
आजकल इनकम टैक्स के फॉर्म में कई जानकारियां पहले से भरी हुई आती हैं। लेकिन आँख बंद करके इन पर भरोसा न करें। फॉर्म में अपना नाम, पैन (PAN), आधार (Aadhaar) नंबर, बैंक अकाउंट, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर को एक बार खुद से री-वेरीफाई कर लें। साथ ही ये भी ध्यान रखें कि आपका आधार और पैन कार्ड आपस में लिंक हैं या नहीं।
6. टैक्स छूट का दावा सही-सही करें
अगर आप ओल्ड टैक्स रिजीम चुन रहे हैं और किसी सरकारी स्कीम या इन्वेस्टमेंट पर टैक्स छूट का दावा कर रहे हैं, तो अमाउंट बिल्कुल सही भरें। फॉर्म जमा करने से पहले अपने इन्वेस्टमेंट के आंकड़ों को दोबारा चेक कर लें। गलत जानकारी देने पर आपको टैक्स का नया नोटिस मिल सकता है या आपका रिफंड अटक सकता है।
7. ज्यादा रिफंड के चक्कर में गलत जानकारी न दें
कई लोग ज्यादा रिफंड पाने के चक्कर में अपनी कमाई छुपा लेते हैं या झूठी टैक्स छूट दिखा देते हैं। याद रखिए, ऐसा करना पूरी तरह गैरकानूनी है। अगर आंकड़ों में कोई भी गड़बड़ी पकड़ी गई, तो आयकर विभाग सीधे आपके घर नोटिस भेज सकता है और आप कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं।
8. आखिरी तारीख का इंतजार न करें
रिटर्न फाइल करने के लिए लास्ट डेट तक न बैठे रहें, जितना जल्दी हो सके, उतने जल्दी अपना रिटर्न फाइल कर दें। इससे आपको ये फायदा मिलेगा कि अगर आपसे कोई गलती हुई होगी तो आपके पास उसमें सुधार करने का मौका होगा।
9. लेट फीस और नुकसान से बचें
अगर आप तय तारीख तक अपना आईटीआर फाइल नहीं कर पाते हैं, तो आपको भारी-भरकम लेट फीस (Penalties) देनी पड़ सकती है। इसके अलावा बचे हुए टैक्स पर ब्याज भी लगेगा और कई तरह के टैक्स बेनिफिट्स से भी हाथ धोना पड़ सकता है।
10. रिटर्न भरने के बाद ई-वेरिफिकेशन का ध्यान रखें
बहुत से लोग सोचते हैं कि फॉर्म सबमिट कर दिया तो काम खत्म हो गया, लेकिन ऐसा नहीं है। आईटीआर फाइल करने के बाद दिए गए समय के अंदर उसका e-Verification करना बेहद जरूरी है। जब तक आप इसे वेरीफाई नहीं करेंगे, तब तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को वैलिड (मान्य) नहीं मानेगा।
ध्यान रहे कि कोई भी छोटी सी गलती आपका भारी नुकसान करवा सकती है। इसलिए इनकम टैक्स विभाग द्वारा सुझाई गई सारी बातों का ख्याल रखें और किसी भी परेशानी से बचने के लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।