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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    रुपये को बचाने के लिए विदेशी भंडार से RBI 30 बिलियन डॉलर कर सकता है खर्च, आज इस स्तर पर बंद हुई भारतीय करेंसी

    By AgencyEdited By: Gaurav Kumar
    Updated: Thu, 21 Sep 2023 06:04 PM (IST)

    रुपये पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच डॉयचे बैंक ने आज कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) रुपये की सुरक्षा के लिए अपने विदेशी भंडार से 30 अरब डॉलर ...और पढ़ें

    डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 83.30 रुपये के करीब कारोबार कर रहा है।
    डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 83.30 रुपये के करीब कारोबार कर रहा है।

    नई दिल्ली, एजेंसी: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रुपये के बढ़ते दवाब के बीच आज डॉयचे बैंक (Deutsche Bank) ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) रुपये की रक्षा के लिए विदेशी मुद्रा भंडार में से 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक खर्च कर सकता है।

    खर्च के बाद भी भारत के पास पर्याप्त भंडार

    डॉयचे बैंक ने कहा कि 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर के खर्च करने के बाद भी, भारत के पास दस महीने के आयात बिलों को संभालने के लिए पर्याप्त भंडार बचा रहेगा। डॉयचे बैंक ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 83.30 रुपये के करीब कारोबार कर रहा है।

    क्या रहा आज रुपये का रेट?

    आज दिन के कारोबार के अंत में डॉलर के मुकाबले रुपया 5 पैसे बढ़कर 83.06 पर बंद हुआ। डॉयचे बैंक ने यह भी अनुमान लगाया कि सब्जियों की कीमतों में गिरावट के कारण सकल मुद्रास्फीति सितंबर में तेजी से कम होकर 5 प्रतिशत पर आ जाएगी, जो अगस्त में 6.8 प्रतिशत थी।

    चुनाव में भी कम नहीं होंगे तेल के रेट

    डॉयचे बैंक के मुताबिक वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 95 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल की वृद्धि हुई है। लेकिन बैंक का कहना है कि आगामी राज्य चुनावों के कारण वैश्विक कच्चे तेल के दबाव के बावजूद ईंधन स्टेशन की कीमतों में बदलाव की संभावना नहीं है, जिसके बाद आम चुनाव होंगे।

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    रसोई गैस की कीमतों में कटौती के कारण सीपीआई में आएगी गिरावट

    बैंक ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में घरेलू रसोई गैस की कीमतों में 200 रुपये प्रति सिलेंडर तक की कटौती की है, जिससे सीपीआई में 0.25 प्रतिशत की गिरावट आएगी।

    डॉयचे बैंक ने कहा कि जुलाई-सितंबर 2024 में हेडलाइन मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत से नीचे गिर सकती है। इसके अलावा बैंक की मानें तो आरबीआई अप्रैल 2024 से रेपो रेट में कटौती पर विचार कर सकता है।