REITs और InvITs निवेशकों के लिए खुशखबरी! टैक्स नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, आपकी कमाई पर क्या होगा असर?
सरकार ने REITs और InvITs के टैक्स ढांचे में बड़े बदलाव के लिए 'Taxation and Other Laws Amendment Bill 2026' पारित किया है। इससे SPVs को कम टैक्स विकल् ...और पढ़ें

REITs और InvITs निवेशकों के लिए खुशखबरी! टैक्स नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी, आपकी कमाई पर क्या होगा असर? (AI Generate Image)
HighLights
सरकार ने REITs, InvITs के टैक्स बिल को संसद में पारित किया।
SPVs को कम टैक्स विकल्प, MAT क्रेडिट उपयोग का लाभ।
निवेशकों को डिविडेंड पर टैक्स छूट पहले की तरह जारी।
नई दिल्ली। अगर आपने भी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) या इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) में निवेश कर रखा है, तो आपके लिए एक काम की खबर है। सरकार ने संसद में Taxation and Other laws Amendment Bill 2026 पास कर दिया है। इस बिल के कानून बनने के बाद REITs और InvITs के टैक्स स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
ये बिल इनकम-टैक्स ऑर्डिनेंस 2026 की जगह लेता है। साथ ही ये पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट 2007, इनकम टैक्स एक्ट 2025 और फाइनेंस एक्ट 2026 में संशोधन करता है। तो आइए जानते हैं कि इस बिल का फायदा आखिर किसे मिलने वाला है।
पूरा मामला क्या है और क्या बदला है?
आम तौर पर REITs और InvITs अपनी संपत्तियों को सीधे होल्ड न करके स्पेशल पर्पस व्हीकल्स (SPVs) यानी कंपनियों के जरिए मैनेज करते हैं। अभी तक इन SPVs पर टैक्स को लेकर कुछ पेंच फंसे हुए थे।
सरकार के इस बिल के हिसाब से अब SPV चाहें तो कम टैक्स वाले नए टैक्स सिस्टम को चुन सकती हैं, वहीं जो कंपनियां (SPV) अपने पास जमा पुराना मिनिमम अल्टरनेट टैक्स यानी MAT क्रेडिट इस्तेमाल नहीं कर पा रही थीं, वे अब इसका फायदा उठा सकेंगी। सबसे बड़ी राहत ये है कि जब ये SPV अपने निवेशकों को डिविडेंड बांटेंगी, तो निवेशकों को उस पर टैक्स नहीं देना होगा। ये छूट पहले की तरह ही जारी रहेगी, भले ही SPV ने नया टैक्स सिस्टम क्यों न चुन लिया हो।
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निवेशकों की जेब पर क्या असर होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से REITs और InvITs का ढांचा और ज्यादा टैक्स-फ्रेंडली हो जाएगा। जानकारों बताते हैं कि नए नियमों से इन कंपनियों का टैक्स का बोझ कम होगा, जिससे उनके पास कैश ज्यादा बचेगा। वहीं अगर कंपनियों के पास टैक्स बनेगा और MAT क्रेडिट का इस्तेमाल हो पाएगा तो निवेशकों के मिलने वाले डिस्ट्रीब्यूशन (Payout) में सुधार हो सकता है
एक्सपर्ट ने क्या राय दी?
माइंडस्पेस REIT की CFO और इंडियन REITs एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमिटी मेंबर, प्रीति छेड़ा ने इस बिल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि-
ये टैक्स सुधार भारतीय REIT सेक्टर के लिए एक व्यावहारिक कदम है। इससे REITs नई कॉर्पोरेट टैक्स व्यवस्था में जा सकते हैं, जबकि यूनिटहोल्डर्स को मिलने वाले डिस्ट्रीब्यूशन पर मौजूदा टैक्स व्यवस्था बनी रहेगी। इस तरह का कदम REITs को एक स्थिर, आय-उत्पन्न करने वाले निवेश विकल्प के तौर पर मजबूत करता है, और सरकार के उन लगातार प्रयासों को दर्शाता है जिनका मकसद एक प्रगतिशील, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाना है, जो भारत में लंबे समय तक कैपिटल फॉर्मेशन और REIT इकोसिस्टम के निरंतर विकास को बढ़ावा दे सके।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
फिलहाल ये बिल लोकसभा से पास हुआ है और इसे राज्यसभा की मंजूरी मिलने और राष्ट्रपति के साइन होने के बाद पूरी तरह कानून का रूप लेना बाकी है। इसलिए निवेशकों के लिए तुरंत हड़बड़ाकर कोई फैसला लेने की जरूरत नहीं है। अब आपको ये देखना होगा कि आप जिस REIT या InvIT में निवेश कर रहे हैं, उसकी SPV कंपनियां नए टैक्स विकल्प को चुनती हैं या नहीं और उनके पास पुराना कितना MAT क्रेडिट है।
Note: इस खबर में ट्रांस्लेटर की मदद ली गई है।