दिल्ली सरकार से रिटायर हुए, लेकिन नहीं मिल रही UPS पेंशन; AINPSEF ने सीधे वित्त मंत्री को लिख दिया पत्र
दिल्ली सरकार के सेवानिवृत्त शिक्षकों को UPS पेंशन नहीं मिल रही है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने इस मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर तत्काल ध्यान देने की अपील की है।

सेवानिवृत्त दिल्ली शिक्षकों को UPS पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा।
HighLights
सेवानिवृत्त दिल्ली शिक्षकों को UPS पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा।
AINPSEF ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा।
पेंशन न मिलने से शिक्षकों को गंभीर आर्थिक तंगी।
नई दिल्ली। ओल्ड पेंशन स्कीम बंद होने के बाद से अलग-अलग पेंशन योजनाओं को लेकर हमेशा बहस छिड़ी रहती है। केंद्र सरकार ने ओपीएस को 20024 के बाद से बंद कर दिया और NPS लॉन्च किया था। यानी 2004 के बाद सरकारी नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा। उन्हें या तो NPS या फिर UPS के तहत ही रिटायरमेंट का लाभ मिलेगा। यूपीएस को OPS के विकल्प के तौर पर लाया गया है। हालांकि, जिन कर्मचारियों ने NPS की बजाए UPS का चुनाव किया है, उन्हें रिटायरमेंट के बाद भी पेंशन (Pension News in Hindi) नहीं मिल रही है।
ऐसा मामला दिल्ली से आया है। इस संबंध में ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) मंगलवार, 18 अगस्त, 2026) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में बताया गया है कि दिल्ली सरकार के कई सरकारी शिक्षक जो सालों पहले रिटायर हो चुके हैं, उन्हें UPS पेंशन नहीं मिल रही है।
AINPSEF ने वित्त मंत्री से अपील की है कि वे इन पेंशनभोगियों के मामलों पर तुरंत ध्यान दें ताकि उन्हें UPS पेंशन मिलनी शुरू हो सके। रिटायर हो चुके दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के साथ क्या समस्या है?
AINPSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पत्र में क्या लिखा?
OPS को लेकर कर्मचारियों के मन में बैठी नाराजगी को मिटाने के लिए केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल, 2025 से NPS के तहत एक विकल्प के तौर पर UPS शुरू किया और कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को इस स्कीम के लिए आवेदन करने के लिए 30 सितंबर, 2025 तक का समय दिया था। इसमें दिल्ली सरकार के कई कर्मचारियों और शिक्षकों ने जिनमें वे लोग भी शामिल थे जो रिटायर हो चुके थे या उस दौरान रिटायर होने वाले थे UPS को चुना है, उन्हें अभी तक UPS के तहत कोई पेंशन नहीं दी जा रही है।
देश की राजधानी दिल्ली में जब, ऐसे सैकड़ों शिक्षक और कर्मचारी हैं, जिन्हें 30 सितम्बर 2025 से पहले #UPS के विकल्प का चयन करने के बावजूद आज तक बिना पेंशन के गुजारा करना पड़ रहा है, तो पूरे भारत में क्या हाल होगा? इसकी कल्पना करना ही मुश्किल है। इस संदर्भ में आज हमने माननीय वित्त… pic.twitter.com/t5uAYCQM38
— Dr Manjeet Singh Patel (@ManjeetIMOPS) August 18, 2026
ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह ने पत्र में लिखा, "लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी, ऐसे रिटायर हो चुके कर्मचारियों को UPS के तहत कोई पेंशन नहीं दी जा रही है। नतीजतन, सैकड़ों रिटायर शिक्षक, जिन्होंने अपनी पूरी कामकाजी जिंदगी जनसेवा में लगा दी, भारी आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं और अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।"
उन्होंने पत्र में आगे लिखा कि रिटायर हो चुके कर्मचारियों को पेंशन से जुड़े लाभ देने में इतनी लंबी देरी न सिर्फ मानवीय नजरिए से बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है, बल्कि यह रिटायरमेंट के बाद उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के अधिकार को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा करती है।
पटेल ने दिया उदाहरण
मंजीत पटेल ने अपने पत्र में दिल्ली सरकारी में सरकारी टीचर रहीं विनोद बाला का उदाहरण देते हुए लिखा- "विनोद बाला ने 18 जून, 2025 को अपना UPS फॉर्म जमा किया था। यह फॉर्म 'पे एंड अकाउंट्स ऑफिस' (वह विभाग जो पेंशन और सैलरी देता है) को 25 सितंबर, 2025 को मिला था, लेकिन उनकी पेंशन अभी तक शुरू नहीं हुई है।"
