Tata Trusts से आई बड़ी खबर, महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के निर्देश के बाद टली 16 मई को होने वाली सभी बैठकें
टाटा ट्रस्ट्स की 16 मई को होने वाली महत्वपूर्ण बैठकें महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के निर्देश के बाद स्थगित कर दी गई हैं। ट्रस्ट ने इस आदेश को एकतरफा और ...और पढ़ें

टाटा ट्रस्ट्स की 16 मई को होने वाली महत्वपूर्ण बैठकें स्थगित
HighLights
टाटा ट्रस्ट्स की 16 मई की बैठकें स्थगित।
महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर ने दिया स्थगन आदेश।
ट्रस्ट ने आदेश को एकतरफा बताया, विवाद गहराया।
नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े परोपकारी संस्थानों में शामिल Tata Trusts से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के निर्देश के बाद 16 मई को होने वाली सभी महत्वपूर्ण बैठकों को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इन बैठकों की नई तारीखों की अभी घोषणा नहीं की गई है। टाटा ट्रस्ट ने इसकी जानकारी एक स्टेटमेंट जारी कर दी।
न्यूज एजेंसी ANI ने टाटा ट्रस्ट के स्टेटमेंट की कॉपी शेयर करते हुए लिखा कि टाटा ट्रस्ट्स ने एक बयान जारी कर कहा- "हमें एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें महाराष्ट्र राज्य, मुंबई के चैरिटी कमिश्नर द्वारा टाटा ट्रस्ट्स के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज को जारी एक निर्देश भेजा गया था। इस निर्देश में 16 मई, 2026 को निर्धारित बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक को स्थगित करने के लिए कहा गया था।"
इन बैठकों पर देशभर की निगाहें थीं, क्योंकि हाल के दिनों में ट्रस्ट के भीतर प्रशासनिक और बोर्ड संरचना को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा था।
Tata Trusts releases a statement - "An email was received, forwarding a direction issued by the Charity Commissioner, Maharashtra State, Mumbai, to the Board of Trustees of Tata Trusts to defer the meeting of the Board of Trustees scheduled for 16 May, 2026.
— ANI (@ANI) May 16, 2026
It is reiterated… pic.twitter.com/8SDeOsbiAd
ट्रस्ट बोला- एकतरफा दिया गया आदेश
टाटा ट्रस्ट ने कहा कि यह निर्देश एकतरफा तौर पर, और सर रतन टाटा ट्रस्ट को बिना किसी सूचना या सुनवाई के जारी किया गया था। बयान में यह भी कहा गया कि यह निर्देश केवल सर रतन टाटा ट्रस्ट से संबंधित प्रतीत होता है, क्योंकि इसमें कात्यायनी अग्रवाल की 18 अप्रैल की शिकायत, ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन के 28 अप्रैल के अभ्यावेदन, और सर रतन टाटा ट्रस्ट से जुड़े एक मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के 13 मई के आदेश का जिक्र किया गया है।
टाटा ट्रस्ट्स ने 15 मई की रात जारी अपने बयान में कहा कि उन्हें ईमेल के जरिए चैरिटी कमिश्नर, महाराष्ट्र राज्य, मुंबई का एक निर्देश प्राप्त हुआ, जिसमें 16 मई को प्रस्तावित बैठक को टालने के लिए कहा गया था। ट्रस्ट का कहना है कि यह आदेश बिना किसी पूर्व सूचना और बिना सुनवाई के जारी किया गया।
क्या है पूरा मामला
टाटा ट्रस्ट्स के अनुसार यह निर्देश मुख्य रूप से Sir Ratan Tata Trust से संबंधित है। आदेश में 18 अप्रैल को दायर की गई एक शिकायत, ट्रस्टी Venu Srinivasan की ओर से 28 अप्रैल को दिए गए प्रतिनिधित्व और 13 मई को बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश का उल्लेख किया गया है।
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मामला ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की संरचना को लेकर उठे सवालों से जुड़ा बताया जा रहा है। ट्रस्ट ने अपने बयान में कहा कि बोर्ड की संरचना से संबंधित संशोधित नियम भविष्य के लिए लागू होते हैं और 1 सितंबर 2025 से पहले की गई नियुक्तियों पर इनका प्रभाव नहीं पड़ता। ट्रस्ट का दावा है कि इस संबंध में उसके पास कानूनी विशेषज्ञों की राय और आवश्यक स्पष्टीकरण मौजूद हैं।
टाटा ट्रस्ट्स ने यह भी कहा कि उन्हें ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन की किसी अलग शिकायत की जानकारी पहले नहीं थी और इसकी जानकारी उन्हें चैरिटी कमिश्नर के पत्र से ही मिली।
वेणु श्रीनिवासन ने इससे पहले 8 मई, 2026 को होने वाली बोर्ड बैठक के नोटिस और 16 मई, 2026 के लिए पुनर्निर्धारित बैठक के नोटिस को स्वीकार किया था। चैरिटी कमिश्नर के कार्यालय से प्राप्त निर्देशों की सर रतन टाटा ट्रस्ट द्वारा जांच की जा रही है।
याचिका में की गई थी बोर्ड बैठक को रोकने की मांग
इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने 13 मई को एक याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर समाप्त कर दिया था। उस याचिका में भी इसी बोर्ड बैठक को रोकने की मांग की गई थी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद देश के सबसे प्रभावशाली ट्रस्ट संस्थानों में से एक की प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल सभी बैठकों को टाल दिया गया है और आगे की तारीखों का इंतजार किया जा रहा है।