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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत करना सरकार का लक्ष्य: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी

    By AgencyEdited By: Priyanka Kumari
    Updated: Sat, 30 Sep 2023 07:37 PM (IST)

    GDP केंद्रीय आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा- वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत के तौर पर उभर रहा है। भारत- पीएलआई योजना से 14 राजनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफै ...और पढ़ें

    जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत करना सरकार का लक्ष्य
    जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत करना सरकार का लक्ष्य

    HighLights

    1. भारत आज स्टील, सीमेंट और कोयला का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।
    2. मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में 76 प्रतिशत की वृद्धि रही है।

    एएनआई, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि भारत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का इच्छुक है। अभी जीडीपी में इस क्षेत्र की 17 प्रतिशत हिस्सेदारी है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के 118 वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन फिर से व्यवस्थित हो रही हैं।

    भारत अपने कच्चे माल, कम श्रम लागत, मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ते प्रभाव को देखते हुए एक वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में प्रधानमंत्री का 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' का आह्वान इस बात का संकेत था कि भारत 2025 तक अपनी जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए तैयार और उत्सुक है।

    विदेशी निवेश में बढ़त

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीएसटी, आईबीसी, श्रम कानूनों में सुधार, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई), नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के लिए गति शक्ति मिशन जैसी नीतियों ने संरचनात्मक स्तर पर कई सुधार किए हैं।

    मजबूत औद्योगिक आधार का हवाला देते हुए पुरी ने कहा कि भारत आज स्टील, सीमेंट और कोयला का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। पीएलआई योजना से 14 राजनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग में क्रांति आई है। पीएलआई के कारण मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में 76 प्रतिशत की वृद्धि रही है।

     

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