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    फिर से 12.5% अतिरिक्त टैरिफ! अमेरिका ने रखा प्रस्ताव; इस वजह से भारत समेत इन देशों से वसूला जाएगा

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 11:43 AM (IST)

    अमेरिका ने भारत समेत 53 देशों पर जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लागू न करने के कारण 12.5% अतिरिक्त टैरिफ का प्रस्ताव दिया है। यह प् ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. अमेरिका ने 53 देशों पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ का प्रस्ताव दिया।

    2. जबरन श्रम से बने उत्पादों पर प्रतिबंध लागू न करने का आरोप।

    3. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की वार्ता के बीच आया प्रस्ताव।

    नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को अंतिम रूप देने की तैयारी है और इस बीच अमेरिका ने फिर से नए टैरिफ का एलान कर दिया है। दरअसल, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (UTR) ने बुधवार को सेक्शन 301 के तहत की गई 60 जांचों के निष्कर्षों का खुलासा किया, जिसमें भारत के साथ-साथ उन 53 अर्थव्यवस्थाओं पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है, जो जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रही हैं।

    अमेरिका का यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब अमेरिका की ओर से मुख्य वार्ताकार, द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ तीन दिवसीय वार्ता कर रहे हैं।

    UTR ने प्रस्ताव में क्या कहा?

    अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने एक नोटिस में कहा, "उन अर्थव्यवस्थाओं के लिए जो जबरन श्रम से आयात पर प्रतिबंध लगाती हैं, जिन्होंने पारस्परिक व्यापार समझौते के माध्यम से ऐसे प्रतिबंध को लागू करने और उसे प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्धता जताई है, या उन अर्थव्यवस्थाओं के लिए जिन्होंने कुछ जबरन श्रम से बने सामानों के आयात को रोकने के लिए आंशिक व्यवस्था लागू की है, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि 10% की दर से अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव करता है।"

    राहत पाने की कोशिश में भारत

    ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार, सेक्शन 301 की जांच में राहत पाने और अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम टैरिफ हासिल करने पर अमेरिका के साथ बातचीत पर ध्यान केंद्रित करने के लिए तैयार है।

    उन्होंने कहा, "अगर भारत को "निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित" शर्तें मिलती हैं, तो समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।" इस अधिकारी ने कहा कि समझौते की व्यापक रूपरेखा तय होने के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर भारत का दौरा कर सकते हैं।

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    वहीं, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने जबरन श्रम संबंधी आरोपों का खंडन किया है और वाशिंगटन से जांच समाप्त करने का अनुरोध किया है। भारत का कहना है कि इन मुद्दों को एकतरफा उपायों के बजाय चल रही व्यापार वार्ताओं के दायरे में ही सुलझाया जाना चाहिए।