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    Jio, Airtel और Vi बढ़ा सकती हैं रिचार्ज प्लान्स के दाम, 12-15% तक होगा इजाफा! कब से चुकाना होगा ज्यादा पैसा?

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 01:23 PM (IST)

    वोडाफोन आइडिया के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने नेटवर्क में निवेश बनाए रखने के लिए टैरिफ बढ़ाने की जरूरत बताई है, जिससे वीआई यूजर्स के लिए रिचार्ज प्ल ...और पढ़ें

    महंगे हो सकते हैं रिचार्ज प्लान

    महंगे हो सकते हैं रिचार्ज प्लान

    HighLights

    1. वोडाफोन आइडिया चेयरमैन ने टैरिफ बढ़ोतरी को बताया जरूरी

    2. जियो, एयरटेल भी 12-15% दाम बढ़ाने की तैयारी में

    3. अगले 3-4 महीनों में महंगे हो सकते हैं रिचार्ज प्लान

    नई दिल्ली। कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने बुधवार को कहा कि नेटवर्क में निवेश बनाए रखने के लिए टैरिफ बढ़ाना जरूरी है। यानी वीआई टैरिफ बढ़ा सकती है। इसका साफ अर्थ है कि वीआई यूजर्स के लिए रिचार्ज प्लान महंगे हो सकते हैं।
    उनका ये बयान ऐसे समय पर आया है जब कंपनी अपने 45,000 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान के लिए फंड जुटाने को लेकर कर्जदाताओं के साथ बातचीत कर रही है। Vi के अलावा रिलायंस जियो और एयरटेल भी प्लान महंगे करने का संकेत दे चुकी हैं।

    कितने महंगे हो सकते हैं रिचार्ज प्लान?

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इंडस्ट्री के जानकारों और मार्केट रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां, रिलायंस जियो और भारती एयरटेल मोबाइल टैरिफ की कीमतें 12% से 15% तक बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। ये बढ़ोतरी अगले 3 से 4 महीनों में हो सकती है।

    पहले भी एक साथ बढ़ाए हैं दाम

    इससे पहले भी कई बार देखा गया है कि ये तीनों प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियां जब भी बढ़ाती हैं, एक साथ रिचार्ज प्लान के दाम बढ़ाती हैं। अब फिर से तीनों कंपनियों की ओर से संकेत दे दिया गया है कि प्लान महंगे हो सकते हैं। 3-4 महीने का मतलब है कि दिसंबर तक मोबाइल रिचार्ज प्लान के दाम बढ़ सकते हैं।

    ARPU पर रहता है फोकस

    टेलीकॉम कंपनियों के लिए ARPU (प्रति उपभोक्ता होने वाली कमाई) बहुत अहम होता है। बिड़ला ने कहा है कि भारत उन देशों में शामिल है जहां प्रति यूजर औसत रेवेन्यू दुनिया में सबसे कम है। इसलिए, अगर ऑपरेटर्स को निवेश बनाए रखना है और नेक्स्ट जेन नेटवर्क को शुरू करने के लिए फंडिंग करनी है, तो समय-समय पर टैरिफ में बदलाव करना जरूरी है।

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    5जी पर खर्च हुआ पैसा

    जियो और एयरटेल, दोनों ही अपने कुल ARPU को ₹200 से ₹300 प्रति महीने के टार्गेट तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं पिछले कुछ सालों में, भारतीय टेलीकॉम कंपनियों ने 5G स्पेक्ट्रम खरीदने और पूरे देश में 5G इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने में हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
    अभी कुछ खास प्लान्स पर मुफ्त और अनलिमिटेड 5G डेटा दिया जा रहा है और टेलीकॉम कंपनियां इस भारी-भरकम निवेश को लगातार होने वाले मुनाफे में बदलने के लिए उत्सुक हैं।

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