JP Power का असली मालिक कौन, क्यों हिस्सेदारी बढ़ाने के पीछे पड़े अदाणी; JP Associates से क्या मिला; सब जान लीजिए
अदाणी समूह ने दिवालिया JP Associates का अधिग्रहण कर लिया है, जिसके तहत अदाणी पावर ने JP Power में 24% हिस्सेदारी खरीदी है। अब अदाणी समूह जेपी पावर में ...और पढ़ें

JP Power में Adani Power ने खरीदी 24% हिस्सेदारी
HighLights
अदाणी पावर ने जेपी पावर में 24% हिस्सेदारी खरीदी।
अदाणी समूह जेपी पावर में मालिकाना हक चाहता है।
जेपी पावर में आम निवेशकों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी।
नई दिल्ली। अदाणी ग्रुप ने दिवालिया जयप्रकाश एसोसिएट्स को खरीद लिया है। इसकी फाइनल मंजूरी भी मिल चुकी है। अब अदाणी समूह ने अलग-अलग कंपनियों के जरिए जेपी ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों का अधिग्रहण करना शुरू कर दिया है। बीते कल यानी 21 मई को अदाणी ग्रुप की एक कंपनी की तरफ से जानकारी दी गई कि उसने JP Associates की जेपी पावर में मौजूद हिस्सेदारी को खरीद लिया है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर अब JP Power का मालिक कौन है? और इसमें किसकी कितनी हिस्सेदारी है? आइए इस आर्टिकल में सभी सवालों के जवाब जानते हैं।
JP Power में अदाणी बने इतने हिस्से के मालिक?
अदाणी समूह की Adani Power ने 21 मई 2026 को एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि उसने Jaiprakash Power Ventures Ltd में मौजूद जेपी ग्रुप की पैरेंट कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड की 24 फीसदी हिस्सेदारी को खरीद लिया है।
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कंपनी ने बताया कि कंपनी द्वारा यह अधिग्रहण 21 मई को क्रमशः JPVL SPA और BTA की शर्तों के अनुसार, और JAL के संबंध में अनुमोदित समाधान योजना के अनुसार पूर्ण कर लिए गए हैं। यानी अदाणी पावर अब जेपी पावर में 24 फीसदी की हिस्सेदार बन गई है। (Source- BSE Filing)
JP Power में किसकी कितनी हिस्सेदारी?
Jaiprakash Power Ventures में किसकी कितनी हिस्सेदारी है, इसे जानने के लिए जागरण बिजनेस की टीम ने स्क्रीनर का सहारा लिया है। हमें वहां मार्च 2026 तक किसके पास कंपनी में कितनी हिस्सेदारी थी, उसकी जानकारी मिली।
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स्क्रीनर के अनुसार मार्च 2026 तक जेपी पावर में JP Associates की हिस्सेदारी 24% थी। यह हिस्सेदारी अब अदाणी पावर के पास चली गई है। क्योंकि दिवालिया एसोसिएट्स को अदाणी ने खरीद लिया है। अब जेपी एसोसिएट्स की जहां-जहां हिस्सेदारी होगी, वहां-वहां अदाणी की कंपनियों को हिस्सेदारी मिलेगी।

जेपी पावर में मार्च 2026 तक विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 6.58 फीसदी थी। यानी इतने फीसदी निवेशक विदेशी थे। इसके अलावा Domestic Institutional Investors की हिस्सेदारी 17.03% थी। और बाकी बची 52.38% की हिस्सेदारी आम रिटेल निवेशकों की है। यानी जेपी की इस कंपनी में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी आम जनता की है। (Source- Screener)
गौतम अदाणी बढ़ाना चाहते हैं हिस्सेदारी?
अदाणी ग्रुप जेपी पावर में अपनी हिस्सेदारी को और बढ़ाना चाहता है। रिपोर्ट्स के अनुसार अदाणी ग्रुप इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर सबसे ज्यादा करना चाहता है, ताकि उसे मालिकाना हक मिल सके।
JP Power की तीन प्लांट्स में कुल 2,200 MW की क्षमता है, और इसके पास सीमेंट ग्राइंडिंग और कोयला खनन के ऑपरेशन्स भी हैं। यही कारण कि अदाणी ग्रुप जेपी पावर में अपनी हिस्सेदारी को और बढ़ाना चाह रहा है।
JP Power के शेयर का हाल कैसा?
बात करें अगर जेपी पावर के शेयर कि तो 22 मई को दोपहर 12 बजे के करीब इसका शेयर 1.62% बढ़कर 18.9 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। अगर इसके रिटर्न की बात करें तो इस साल अब तक यह 7 फीसदी से अधिक का रिटर्न दे चुका है। और बीते एक साल में इसने 28 फीसदी का रिटर्न दिया है। इस कंपनी में अब अदाणी पावर की हिस्सेदारी हो गई है, तो अब इसके शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।