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    भारत का पहला अरबपति कौन था? जिसके खजाने के आगे अंग्रेजों की दौलत भी 'चिल्लर', दौलत जानकर हैरान रह जाएंगे

    Updated: Fri, 20 Mar 2026 01:51 PM (IST)

    भारतीय इतिहास के सबसे धनी व्यक्ति कौन था। जिनकी अनुमानित संपत्ति आज 21 ट्रिलियन यूरो से अधिक हो सकती है, जो उन्हें इतिहास के सबसे अमीर शासकों में से ए ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. मुगल सम्राट अकबर भारत के सबसे धनी शासक थे।

    2. उनके साम्राज्य का विश्व जीडीपी में 25% योगदान था।

    3. अकबर की संपत्ति आज 21 ट्रिलियन यूरो से अधिक हो सकती है।

    नई दिल्ली। जरा सोचिए, एक ऐसी संपत्ति जिसके सामने आज के सबसे बड़े अरबपतियों की दौलत महज 'पॉकेट मनी' लगे! जब हम भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहला नाम रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय इतिहास के पन्नों में एक ऐसा शासक भी दर्ज है, जिसकी दौलत के आगे आज के तमाम अरबपति भी फीके पड़ जाते हैं?

    आइए, इतिहास के उस झरोखे में झांकते हैं और जानते हैं भारत के उस 'असली' सबसे अमीर इंसान के बारे में, जिसकी संपत्ति की आज कल्पना करना भी नामुमकिन है।

    आज भारत में मुकेश अंबानी समेत कई अरबपति हैं, जिन्हें एशिया का सबसे धनी व्यक्ति माना जाता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और सबसे बड़े शेयरधारक अंबानी की नेटवर्थ फोर्ब्स के मुताबिक 99.2 बिलियन डॉलर (लगभग 9.26 लाख करोड़ रुपये) है। हालांकि, यह राशि काफी बड़ी है, लेकिन किसी भारतीय द्वारा अर्जित अब तक की सबसे अधिक संपत्ति नहीं है।

    यह भी पढ़ें: कौन थे खुशी राम-बिहारी लाल? 1947 में खो दी थी सारी दौलत, आज इनकी चावल की सबसे पुरानी कंपनी का अरबों में बिजनेस

    सबसे धनी भारतीय का खिताब अक्सर हैदराबाद के अंतिम निजाम मीर उस्मान अली खान को दिया जाता है, जिनकी संपत्ति कुछ साल पहले 230 अरब अमेरिकी डॉलर आंकी गई थी। यह आंकड़ा उन्हें इतिहास के सबसे धनी व्यक्तियों में शामिल करता है। फिर भी, मीर उस्मान अली खान के सबसे धनी भारतीय होने के दावे पर एक अन्य ऐतिहासिक व्यक्ति, मुगल सम्राट अकबर के कारण विवाद होता है। कहा जाता है कि 1542 से 1605 तक शासन करने वाले अकबर के पास इतनी विशाल संपत्ति थी कि उसे "अकल्पनीय" माना जाता है।

    विश्व के जीडीपी कितने प्रतिशत पर था नियंत्रण?

    आधुनिक शोध अकबर की अपार संपत्ति के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। एबरडीन एशिया और मनी डॉट कॉम जैसे स्रोतों की रिपोर्टों से पता चलता है कि अकबर के शासनकाल में उनके साम्राज्य का विश्व के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 25 प्रतिशत पर नियंत्रण था। इस स्तर की संपत्ति की तुलना अक्सर एलिजाबेथ युग के दौरान ब्रिटिश राजशाही की संपत्ति से की जाती है, जो अपनी समृद्धि के लिए प्रसिद्ध थी।

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    दक्षिण एशिया के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से में फैला था साम्राज्य

    अकबर, जो मुगल साम्राज्य के तीसरे और सबसे महान सम्राटों में से एक थे, ने एक असाधारण रूप से समृद्ध राजवंश का नेतृत्व किया। उनके शासनकाल में साम्राज्य दक्षिण एशिया के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से में फैला हुआ था, जिससे यह उस समय की वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख शक्ति बन गया था।

    आर्थिक इतिहासकार एंगस मैडिसन का कहना है कि अकबर के दरबार की संपत्ति और विलासिता उस समय यूरोप में बेजोड़ थी। अकबर की प्रभावी वित्तीय रणनीतियों, जिनमें एकसमान कर और सीमा शुल्क प्रणाली शामिल थी, ने इस समृद्धि में योगदान दिया।

    सन् 1600 ईस्वी में अकबर की वार्षिक आय लगभग 17.5 मिलियन पाउंड आंकी गई थी। तुलनात्मक रूप से, 200 वर्ष बाद ग्रेट ब्रिटेन का खजाना 16 मिलियन यूरो था। मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए, कुछ अनुमानों के अनुसार आज अकबर की संपत्ति 21 ट्रिलियन यूरो से अधिक हो सकती है। हालांकि, अधिकांश इतिहासकार इस बात से सहमत हैं कि अकबर के साम्राज्य की विशाल संपत्ति के कारण उनकी वास्तविक कुल संपत्ति का सटीक आकलन करना असंभव है।