Budget 2026: इंफ्रा पर वित्त मंत्री का बड़ा एलान! स्टील, सीमेंट के लिए ₹20000 करोड़; डेवलपर्स को क्या मिला?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े ऐलान किए। उन्होंने वित्त वर्ष 2027 के लिए पूंजीगत व्यय लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख ...और पढ़ें

HighLights
पूंजीगत व्यय लक्ष्य 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया।
स्टील, सीमेंट सेक्टर को 20,000 करोड़ रुपये का आवंटन।
टियर-2, टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर।
नई दिल्ली। लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना 9वां बजट (Budget 2026) पेश किया। यहां उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर पर क्या बड़ी घोषणा की है हम उसके बारे में बता रहे हैं। उन्होंने वित्त वर्ष 2027 के लिए पूंजीगत व्यय लक्ष्य को चालू वित्त वर्ष के लिए निर्धारित 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने सीमेंट, स्टील के लिए खास काम के लिए 20 हजार करोड़ रुपये की घोषणा की है।
सीतारामन ने कहा, "हम Tier 2, Tier 3 शहरों में बुनियादी ढांचे का विकास जारी रखेंगे।" सीतारामन ने बुनियादी ढांचे क्षेत्र के लिए अवसंरचना जोखिम गारंटी कोष (Infrastructure Risk Fund) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। वित्त मंत्री ने प्राइवेट डेवलपर्स के रिस्क मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क फंड बनाने का प्रस्ताव रखा है।
Several initiatives by the Government for large-scale enhancement of public infrastructure, the Government will continue to focus on developing infrastructure in cities with over 5 lakh population (Tier II and Tier III), which have expanded to become growth centres
— PIB India (@PIB_India) February 1, 2026
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शिप रिपेयर सिस्टम बनेगा
पर्यावरण के अनुकूल माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए पूर्व में डंकुनी से पश्चिम में सूरत तक एक नया समर्पित माल गलियारा स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा वाराणसी और पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक शिप रिपेयर सिस्टम बनाया जाएगा।
स्टील और सीमेंट कंपनियों को मिले 20 हजार करोड़
वित्त मंत्री ने समुद्री विमानों के स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव रखा है। वित्त मंत्री ने विकास को जोड़ने वाले केंद्रों के रूप में शहरों के बीच 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा है। वित्त मंत्री ने स्टील और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर और यूटिलाइजेशन योजना शुरू करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव रखा है।
वर्ष 2024-15 में ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर बजट 2025-26 में ₹11.2 लाख करोड़ तक सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में हुई बढ़ोतरी और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित ₹12.2 लाख करोड़ का प्रावधान, इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास के प्रति सरकार की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इतने बड़े स्तर पर किया गया निवेश लॉजिस्टिक लागत को काफी हद तक कम करेगा, निजी पूंजी को आकर्षित करेगा और देशभर में शहरी क्षेत्रों के आर्थिक विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए धैर्यपूर्ण पूंजी और जोखिम को लेकर भरोसा बेहद आवश्यक है। प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड, REITs और InvITs जैसे एसेट मोनेटाइजेशन के साधनों के साथ मिलकर, निर्माण चरण से जुड़े जोखिमों को सीधे संबोधित करता है और सड़कों, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर तथा रियल एस्टेट से जुड़ी परिसंपत्तियों में बड़े पैमाने पर निजी निवेश को प्रोत्साहित करेगा।”
- दिक्षु सी.कुकरेजा- अर्बन प्लानर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, सीपी कुकरेजा आर्कीटेक्ट्स
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