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    Budget 2026: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर बड़ा एलान, टैक्स छूट बदलेगी; इस दिन से लागू होंगे नए नियम, किस पर असर?

    Updated: Sun, 01 Feb 2026 05:30 PM (IST)

    Sovereign Gold Bond Tax: बजट 2026 (Budget 2026) में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर कैपिटल गेन टैक्स छूट के नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। अब यह छूट ...और पढ़ें

    Budget 2026: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर बड़ा एलान, टैक्स छूट बदलेगी; इस दिन से लागू होंगे नए नियम, किस पर असर?

    Budget 2026: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर बड़ा एलान, टैक्स छूट बदलेगी; इस दिन से लागू होंगे नए नियम, किस पर असर?

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    नई दिल्ली | बजट 2026 में सोने में निवेश करने वालों के लिए बड़ा टैक्स बदलाव प्रस्तावित किया गया। सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर मिलने वाली कैपिटल गेन टैक्स छूट के नियम साफ और सीमित करने का फैसला किया है। यह बॉन्ड भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जारी करता है और इनकी कीमत सोने के दाम से जुड़ी होती है।

    अब तक नियम यह था कि अगर निवेशक SGB को मैच्योरिटी तक होल्ड करता है, तो रिडेम्प्शन पर होने वाला कैपिटल गेन टैक्स फ्री रहता था। इससे निवेशकों को साफ फायदा मिलता था, चाहे बॉन्ड उन्होंने सीधे इश्यू के समय खरीदा हो या बाद में बाजार से।

    लेकिन कानून में एक अस्पष्टता थी कि क्या सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए SGB पर भी वही टैक्स छूट मिलेगी? अलग-अलग व्याख्याओं के कारण कन्फ्यूजन बना रहता था।

    तो मैच्योरिटी पर टैक्स छूट नहीं मिलेगी

    अब सरकार ने आयकर कानून में संशोधन प्रस्तावित किया है। नए नियम के तहत कैपिटल गेन टैक्स छूट सिर्फ उन्हीं निवेशकों को मिलेगी जिन्होंने SGB को उसके ओरिजिनल इश्यू के समय सब्सक्राइब किया था और उसे बिना बेचे मैच्योरिटी तक होल्ड किया। यानी जिन्होंने बॉन्ड शेयर बाजार या दूसरे निवेशक से खरीदे हैं, उन्हें मैच्योरिटी पर टैक्स छूट नहीं मिलेगी।

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    1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया नियम

    यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू करने का प्रस्ताव है और असेसमेंट ईयर 2026-27 से प्रभावी होगा। इसका मतलब है कि आने वाले टैक्स रिटर्न में निवेश की खरीद की तारीख और तरीका बहुत अहम हो जाएगा।

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    सरकार का मकसद साफ है। यह स्कीम लंबी अवधि के निवेश को बढ़ावा देने के लिए थी, न कि ट्रेडिंग के लिए। इसलिए टैक्स फायदा अब सिर्फ असली, शुरुआती निवेशकों तक सीमित किया जा रहा है।

    निवेशकों के लिए यह बड़ा संकेत है कि अब SGB खरीदते समय सिर्फ सोने की कीमत नहीं, बल्कि खरीद का तरीका भी टैक्स बचत तय करेगा।

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