El Nino बिगाड़ेगा मूंगफली का खेल, इन 5 देशों में है भारतीय पीनट्स की बंपर डिमांड!
अलनीनो और कमजोर मानसून के कारण भारत में मूंगफली की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है, जिससे इसके निर्यात पर असर पड़ सकता है। हालांकि, इंडोनेशिया सहित ...और पढ़ें

मूंगफली की खेती पर भी दिखेगा अलनीनो का असर
HighLights
अलनीनो से मूंगफली की पैदावार घटने की आशंका।
भारत ने 795 मिलियन डॉलर की मूंगफली निर्यात की।
इंडोनेशिया भारतीय मूंगफली का सबसे बड़ा खरीदार।
नई दिल्ली| धान और गन्ना भारत की प्रमुक फसलों में है, जिनकी वजह से अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भारत की धाक है। धान से निकलने वाले चावल के एक्सपोर्ट में भारत दुनिया में पहले स्थान में है, तो वहीं गन्ने से बनने वाली चीनी के निर्यात में दुनिया दूसरा सबसे बड़ा देश है। अलनीनो और कमजोर मानसून के कारण इन दोनों ही फसलों की पैदावार और निर्यात पर असर देखने को मिला है। इसके अलावा खरीफ में उगाई जाने वाली मूंगफली की खेती पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। देश में मूंगफली भी एक प्रमुख व्यापारिक फसल है।
कितना है मूंगफली का निर्यात?
मूंगफली भारत की एक प्रमुख तिलहन फसल है। इसका निर्यात भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। APEDA के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में भारत ने 746,303.19 मीट्रिक टन मूंगफली का एक्सपोर्ट किया था जिसकी कीमत 794.97 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
किन देशों में भारतीय मूंगफली की डिमांड?
आंकड़ों के मुताबिक भारत ने 795 मिलियन डॉलर की मूंगफली का निर्यात किया था जिसमें 5 प्रमुख खरीदार देश शामिल रहे। इन देशों में इंडोनेशिया, वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया और थाईलैंड शामिल हैं। बता दें कि इंडोनेशिया भारतीय मूंगफली का सबसे बड़ा खरीदार है, जिसने साल 2025 में 2.77 लाख टन मूंगफली की खरीदी की थी।
इन राज्यों में होती है मूंगफली की खेती
भारत में मूंगफली की खेती कई राज्यों में होती है। हालांकि इसका रकबा अन्य तिलहन फसलों के मुकाबले थोड़ा कम है। APEDA के मुताबिक प्रमुख मूंगफली उत्पादक राज्यों में जरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना शामिल है।
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मूंगफली पर दिखेगा अलनीनो का असर
अलनीनो के कारण कमजोर बारिश के चलते मूंगफली की खेती का रकबा घट सकता है। इसके साथ ही कम बारिश से पौधों में फूल और फली बनने की प्रक्रिया पर बुरा प्रभाव होता है। इससे मूंगफली की कुल पैदावार घटने की भी आशंका है। बता दें कि मूंगफली की खेती रबी और खरीफ दोनों सीजन में की जाती है।