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    Gold Investment: दिवाली-धनतेरस पर सोना खरीदने का है प्लान, तो न करेंगे ये 5 गलतियां; हो सकता है बड़ा नुकसान

    Updated: Thu, 02 Oct 2025 06:24 PM (IST)

    सोना हर दिन आसमान छू रहा है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट (24 caret gold) सोने की कीमत (gold rate today) 119390 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गई ह ...और पढ़ें

    Gold Investment: दिवाली-धनतेरस पर सोना खरीदने का है प्लान, तो न करेंगे ये 5 गलतियां।
    Gold Investment: दिवाली-धनतेरस पर सोना खरीदने का है प्लान, तो न करेंगे ये 5 गलतियां।

    नई दिल्ली| Gold Investment Tips: त्योहारी सीजन में सोने की खरीदारी भारतीयों की सबसे पुरानी परंपरा रही है। चाहे धनतेरस हो, दीवाली या फिर शादी-ब्याह का मौका, लोग शुभ मानकर सोना खरीदते हैं। लेकिन अगर आप इस बार निवेश के तौर पर गोल्ड लेने की सोच रहे हैं तो ये पांच गलतियां बिल्कुल भी न करें। वरना फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है।

    खासकर तब, जब सोना आए दिन आसमान छू रहा है और दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट (24 caret gold) वाले सोने की कीमत (gold rate today) 1,19,390 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है।

    हालांकि, गुरुवार को इसमें 550 रुपए की गिरावट आई और कीमत (gold price today) 1,18,840 रुपए तक पहुंच गई। लेकिन सवाल है कि आखिर हर दिन रिकॉर्ड बना रहे गोल्ड को खरीदते समय कौन-कौन सी गलतियों से बचना चाहिए?

    यह भी पढ़ें- Gold Investment: 24, 22 या 18 कैरेट गोल्ड, निवेश और ज्वैलरी के लिए कौन सा सोना है सबसे बेस्ट? समझें अंतर

    1. हॉलमार्क चेक करना न भूलें

    सोना खरीदते समय सबसे पहले उसकी हॉलमार्किंग चेक करें। सरकार ने इसे अनिवार्य कर दिया है। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी होती है। बिना हॉलमार्क वाला सोना आगे बेचने पर परेशानी दे सकता है।

    2. ज्वैलरी में निवेश बड़ी गलती

    ज्वेलरी खरीदना सही है, लेकिन यह हमेशा निवेश के लिए फायदेमंद नहीं। इसमें मेकिंग चार्ज और वेस्टेज कट जाता है। अगर आप सिर्फ निवेश करना चाहते हैं तो गोल्ड कॉइन, गोल्ड बार या डिजिटल गोल्ड खरीदना बेहतर है।

    3. ज्वैलरी के कागज पूरे न लेना

    अक्सर लोग रसीद या सर्टिफिकेट लेने में लापरवाही कर देते हैं। ध्यान रखें, खरीद के समय सही बिल लेना जरूरी है। इसमें शुद्धता, वजन और मेकिंग चार्ज का साफ-साफ जिक्र होना चाहिए। यही कागज आगे आपके सोने की वैल्यू तय करेंगे।

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    4. फिजिकल गोल्ड तक सीमित रहना

    आजकल गोल्ड में निवेश के कई विकल्प हैं- जैसे सोवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB), गोल्ड ETF, और म्यूचुअल फंड्स। ये न सिर्फ सुरक्षित होते हैं बल्कि स्टोरेज और चोरी का रिस्क भी नहीं होता। साथ ही SGB पर सरकार ब्याज भी देती है।

    5. सही टाइमिंग को नजरअंदाज करना

    त्योहारी सीजन में सोने की डिमांड बढ़ती है और दाम भी ऊपर चले जाते हैं। ऐसे में लोग जल्दबाजी में खरीदारी कर लेते हैं। लेकिन निवेश के लिहाज से प्राइस ट्रेंड को देखकर सही समय चुनना फायदेमंद रहता है।

    कमोडिटी से जुडे एक्सपर्ट्स बताते हैं कि भारत में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन गलतियां करने पर इसमें भी घाटा हो सकता है। इसलिए हॉलमार्क चेक करें, सही बिल लें, निवेश का तरीका समझें और जल्दबाजी से बचें।