आसमान छूते सोने के भाव ने किया कमाल! तिजोरी से निकला सोना, देश में गोल्ड लोन में आया 200% का बंपर उछाल
Gold Loan: सोने की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी के कारण भारत में गोल्ड लोन में 200% का बंपर उछाल आया है। अब घरों में रखा सोना वित्तीय हथियार के रूप में का ...और पढ़ें

महंगे सोने का असर! गोल्ड लोन में जबरदस्त उछाल
HighLights
सोने की कीमतों में तेजी से गोल्ड लोन में 200% उछाल।
प्रति व्यक्ति औसत गोल्ड लोन बढ़कर 1.96 लाख रुपये हुआ।
भारत में गोल्ड लोन बाजार 19.4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा।
नई दिल्ली: सोने की कीमतों (Gold Price) में आई ऐतिहासिक तेजी का भारतीय जमकर फायदा उठा रहे हैं। देश के घरों में रखा सोना (Gold) अब सिर्फ तिजोरी की शोभा नहीं बढ़ा रहा, बल्कि जरूरत के समय एक बड़े वित्तीय हथियार के रूप में काम आ रहा है। सोने की बढ़ती कीमतों के कारण गोल्ड लोन (Gold Loan) के प्रति लोगों का रुझान इतनी तेजी से बढ़ा है कि बैंक और वित्तीय कंपनियों द्वारा बांटे जा रहे गोल्ड लोन की राशि में 200% तक का इजाफा देखा गया है।
कर्ज की राशि हुई दोगुनी
एक्सपेरियन इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2024 से मार्च 2026 के बीच सोने के मूल्य में लगभग 144 प्रतिशत की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। सोना महंगा होने से इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिल रहा है। अब उसी सोने पर बैंक ग्राहकों को पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा पैसे कर्ज (200% तक अधिक) के रूप में दे रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति औसत गोल्ड लोन 39 फीसदी बढ़कर करीब 1.96 लाख रुपये पर पहुंच गया है, जबकि वित्त वर्ष 2022-23 में यह औसत मात्र 98,000 रुपये था।
तीन गुना हो गया गोल्ड लोन का कारोबार
भारत में गोल्ड लोन का बाजार अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। मार्च 2023 में जहां यह बाजार 6.3 लाख करोड़ रुपये का था, वहीं मार्च 2026 आते-आते यह करीब तीन गुना बढ़कर 19.4 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। खुदरा कर्ज (रिटेल लोन) के कुल बाजार में भी गोल्ड लोन का दबदबा बढ़ा है, जिसकी हिस्सेदारी महज दो साल में 20% से छलांग लगाकर 41% हो गई है।
लोन चुकाने में भी भारतीय अव्वल
कर्ज बांटने की इस तेज रफ्तार के बावजूद बैंकों के लिए राहत की बात यह है कि ग्राहक इसे चुकाने में भी पूरी ईमानदारी दिखा रहे हैं। आज लोग कम अवधि के लिए गोल्ड लोन ले रहे हैं और उसे तेजी से चुका रहे हैं। वर्ष 2026 की अंतिम तिमाही में 75% ऐसे ग्राहक थे, जो अपना पुराना कर्ज चुकाकर दोबारा लोन लेने आए। वहीं, 90 दिन से अधिक समय तक कर्ज न चुकाने (डिफॉल्ट) के मामले मार्च 2023 के 0.4% से घटकर मार्च 2026 में सिर्फ 0.2% रह गए हैं।
खबरें और भी
यह नया ट्रेंड इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारतीयों के लिए उनका पुराना सोना अब सिर्फ एक पारंपरिक धरोहर नहीं रह गया है, बल्कि मुश्किल समय में आसानी से और सुरक्षित तरीके से नकद जुटाने का सबसे बेहतरीन जरिया बन चुका है।